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Bihar: 'ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों को आवास दिलाने की दिशा में तेजी से काम जारी', सरकार का बड़ा एलान
Wed, 05 Feb 2025 06:48 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 05 Feb 2025 06:48 PM IST
सार
Patna News: सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि 2011 के बाद बने नए परिवारों और पहले से छूटे हुए लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ देने के लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत व्यापक सर्वेक्षण करा रही है। पढ़ें पूरी खबर...।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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विस्तार
बिहार सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय पटना ने बड़ा एलान कर कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम कर रही है। 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर अब भी लगभग 13 लाख परिवार गृह निर्माण के लिए प्रतीक्षित हैं। इनमें से 2.43 लाख परिवारों को इस वर्ष स्वीकृति मिल चुकी है। उन्हें प्रथम किस्त के साथ द्वितीय और तृतीय किस्त जारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इन घरों का निर्माण मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाए।
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‘2025 तक 5.5 लाख परिवारों को मिलेगी स्वीकृति’
सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि शेष 11 लाख परिवारों में से 5.5 लाख को मार्च 2025 तक गृह निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की योजना है, जबकि बाकी परिवारों को 2025-26 के दौरान स्वीकृति दी जाएगी। सरकार का प्रयास है कि अगले तीन से चार वर्षों के भीतर सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान मिल जाए।
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‘नए परिवारों और छूटे लाभार्थियों के लिए सर्वेक्षण जारी’
सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, 2011 के बाद बने नए परिवारों और पहले से छूटे हुए लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ देने के लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत व्यापक सर्वेक्षण करा रही है। प्रत्येक पंचायत में नियुक्त सर्वेक्षक मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल तकनीक से पात्र परिवारों की पहचान कर रहे हैं। अब तक करीब छह लाख परिवारों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिनमें एक लाख अनुसूचित जाति (SC) के परिवार हैं। सरकार का लक्ष्य है कि शेष सर्वेक्षण कार्य फरवरी 2025 के अंत तक पूरा हो जाए।
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‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना से भी मिलेगा लाभ’
आगे कहा गया कि अगर कोई पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत छूट जाता है, तो उसे मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जिन परिवारों के पास घर बनाने के लिए भूमि नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री गृह स्थल क्रय योजना के तहत एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
‘लाभार्थियों को दी जा रही वित्तीय सहायता’
सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि सरकार हर लाभार्थी को 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है। इसके अलावा मनरेगा (MGNREGA) के तहत मजदूरी भुगतान और शौचालय निर्माण के लिए अलग से अनुदान भी दिया जा रहा है। यह योजना इस तरह तैयार की गई है कि लाभार्थी अपने घरों का निर्माण स्वयं कर सकें। आगे बताया गया कि राज्य सरकार के प्रयासों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों की संख्या में भारी कमी आई है। पिछले 20 वर्षों में जहां गांवों में झोपड़ियां और फूस के मकान आम थे। वहीं, अब अधिकांश मकान पक्के और छतदार हो चुके हैं।
‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से होगा भुगतान’
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लाभार्थियों को सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए उनके बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘2025-26 तक सभी ग्रामीण परिवारों को मिलेगा आवास’
सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से एक महत्वाकांक्षी अभियान चलाया है, जिसके तहत 2025-26 तक सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध करा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में कोई भी परिवार बेघर न रहे और सभी को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।