Bihar: पिता की मौत के एक साल बाद करंट लगने से मां की मौत, बच्चे की चीत्कार देख रो पड़ा पूरा गांव
Bihar: पति की मौत के बाद रूबी देवी किसी तरह अपने इकलौते बेटे का पालन-पोषण कर रही थीं। लेकिन अब उसके सिर से मां का भी साया उठ गया। मां के शव के पास बैठकर मासूम की चीत्कार ने हर किसी को भावुक कर दिया।
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रोहतास जिले के कोचस प्रखंड स्थित डढाव गांव से शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक मासूम बच्चा, जिसने एक साल पहले अपने पिता को खोया था, अब अपनी मां को भी एक दर्दनाक हादसे में खो बैठा। मां की मौत के बाद उसकी चीख-पुकार ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
करंट की चपेट में आकर महिला की मौत
जानकारी के मुताबिक, डढाव गांव निवासी स्व. सुनील सिंह की पत्नी रूबी देवी (38 वर्ष) शनिवार को घरेलू कार्यों से निवृत्त होकर किसी काम से छत पर जा रही थीं। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही विद्युत प्रवाहित नंगी तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गईं और छत पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजन जब उन्हें ढूंढते हुए छत पर पहुंचे तो उन्हें अचेत अवस्था में पाया। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक साल पहले हो चुकी है पिता की मौत
बताया गया कि रूबी देवी के पति सुनील सिंह की मृत्यु करीब एक वर्ष पूर्व हो चुकी थी। वे गांव के पास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 319 पर टहल रहे थे, जब अचानक फिसल कर सड़क किनारे पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गए थे। डूबने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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अनाथ हुआ मासूम, गांव में पसरा मातम
पति की मौत के बाद रूबी देवी किसी तरह अपने इकलौते बेटे का पालन-पोषण कर रही थीं। लेकिन अब उसके सिर से मां का भी साया उठ गया। मां के शव के पास बैठकर मासूम की चीत्कार ने हर किसी को भावुक कर दिया। कभी वह मां को झकझोरता तो कभी रो-रोकर पूछता, "मां उठो ना.. यह दृश्य देख गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। परिजन और ग्रामीण उसे सांत्वना देते रहे, लेकिन उसकी पीड़ा किसी के वश में नहीं थी। गांव में शोक की लहर है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि अब इस बच्चे की परवरिश कौन करेगा?
प्रशासन से मदद की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस बच्चे की देखभाल और भविष्य के लिए समुचित व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे में मासूम की पूरी दुनिया उजड़ गई है, ऐसे में सरकार को उसके लिए विशेष सहयोग देना चाहिए।