फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar Makar Sankranti: RJD and JDU will not organize Dahi-Chuda banquet due to Corona epidemic, 24-year-old tradition broken

सियासी संक्रांति: बिहार में टूटी 26 साल पुरानी परंपरा, राजद-जदयू ने नहीं किया दही-चूड़ा भोज

Thu, 14 Jan 2021 05:44 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: प्रियंका तिवारी Updated Thu, 14 Jan 2021 05:44 PM IST
विज्ञापन
Bihar Makar Sankranti: RJD and JDU will not organize Dahi-Chuda banquet due to Corona epidemic, 24-year-old tradition broken
आरजेडी व जेडीयू ने नहीं किया दही-चूड़ा भोज का आयोजन - फोटो : सोशल मीडिया
बिहार में मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज की प्रथा काफी प्रचलित है। राज्य की सत्ता में कायम जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) मकर संक्रांति के अवसर पर पिछले 26 साल से दही-चूड़ा भोज का आयोजन करती आ रही हैं। हालांकि, इस बार कोरोना महामारी के चलते इन राजनीतिक दलों ने दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया।
विज्ञापन


कोरोना महामारी की वजह से टूटी प्रथा  
जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने दही-चूड़ा भोज को लेकर औपचारिक रूप से संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि इस बार कोरोना महामारी के चलते एहतियातन यह परंपरा नहीं निभाई गई। वहीं, हर साल आरजेडी अपने कार्यालय और राबड़ी देवी के आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन करती आती थीं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, लालू प्रसाद यादव की तरफ से मकर संक्रांति को लेकर सोशल मीडिया के जरिये एक संदेश जारी किया गया। इस संदेश में उन्होंने पार्टी के सदस्यों से कहा है कि वे गरीबों को दही-चूड़ा खिलाएं।
विज्ञापन


तेज प्रताप ने लिया मां का आशीर्वाद
राजनीतिक दलों ने भले ही कोरोना महामारी के चलते दही-चूड़ा परंपरा नहीं निभाई, लेकिन राजद नेता तेज प्रताप यादव अपनी मां राबड़ी देवी से आशीर्वाद लेने के बाद लोगों को दही-चूड़ा बांटते नजर आए। उन्होंने इस संबंध में ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, माता श्री से मिले तिलवा, तिलकुट, आशीर्वाद और प्यार के साथ हम तमाम बिहारवासियों के साथ मकर संक्रांति का पवित्र त्योहार मना रहे हैं। चूड़ा-दही भोज का आयोजन मेरे आवास 2M Stand Road पर किया गया है, आप सभी आमंत्रित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरजेडी मुखिया ने शुरू की थी परंपरा
राज्य में दही-चूड़ा भोज कराने की परंपरा 1994-95 में आरजेडी मुखिया लालू प्रसाद यादव ने की थी। उन्होंने इस परंपरा की शुरुआत पार्टी से आम लोगों को जोड़ने के लिए किया था। बता दें, चारा घोटाला मामले में उनके जेल चले जाने के बाद भी पार्टी यह परंपरा निभाती चली आई।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed