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Bihar Police: बंटी यादव हत्याकांड में तीन ASI समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी ने किस आरोप में की कार्रवाई?
Tue, 14 Jul 2026 03:14 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Tue, 14 Jul 2026 03:14 PM IST
सार
Patna Crime News: बंटी यादव हत्याकांड में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे थे। अब पटना सिटी (सेंट्रल) की ओर से इस मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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पटना पुलिस की फाइल फोटो।
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विस्तार
चर्चित बंटी यादव अपहरण एवं हत्याकांड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिटी एसपी (सेंट्रल) ममता कल्याणी ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाली थाना के तीन एएसआई और एक गृह रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद सभी निलंबित कर्मियों से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, अवधेश कुमार, वीर बहादुर सिंह तथा गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान चारों का मुख्यालय नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना निर्धारित किया गया है।
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घटनास्थल से 100 मीटर दूर थी पुलिस
आरोप है कि 6 जुलाई की रात जब बंटी यादव के कथित अपहरण की घटना हुई, उस समय डायल-112 और गश्ती दल में शामिल ये पुलिसकर्मी पटना जंक्शन स्थित टीओपी (TOP) से महज 100 मीटर की दूरी पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्हें अपहरण और मारपीट की घटना की जानकारी नहीं मिली और न ही समय रहते कोई हस्तक्षेप किया गया। विभाग ने इसे ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
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पांच दिन बाद मिला था शव
छह जुलाई की रात पटना जंक्शन क्षेत्र से बंटी यादव के कथित अपहरण का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। परिजन लगातार पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाते रहे, लेकिन करीब पांच दिन बाद बंटी यादव का शव पटना के अथमलगोला क्षेत्र से बरामद हुआ। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने की भी कोशिश की थी।
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समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी?
बंटी यादव हत्याकांड के बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई, गश्ती व्यवस्था और अपहरण के दौरान कथित निष्क्रियता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। परिजनों पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। परिजना का कहना है कि घटनास्थल के इतने करीब पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद उन्हें वारदात की सूचना क्यों नहीं मिली और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी? वहीं पटना पुलिस का कहना है कि मामले की विभागीय जांच अभी जारी है। मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। वैज्ञानिक अनुसंधान जारी है। जल्द ही सारी बातें साफ हो जाएगी।
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छह जुलाई को अपहरण, 11 जुलाई को लाश मिली
न्यू करबिगहिया कब्रिस्तान गली निवासी 33 साल के बंटी यादव को छह जुलाई की रात महावीर मंदिर के पास से अगवा कर लिया गया था। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर टायर जलाए तथा युवक की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लेकिन, पटना पुलिस की टीम बंटी को खोज नहीं पाई। इसके बाद 11 जुलाई को पुलिस ने बंटी का शव पटना जंक्शन से करीब 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला इलाके से बरामद किया।