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Bihar Fire: पटना के होटल-हॉस्पिटल में आग की ऑडिट रिपोर्ट डरा रही; मुजफ्फरपुर की घटना के बाद देखें आंकड़ा

Thu, 04 Jun 2026 06:57 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 04 Jun 2026 06:57 PM IST
सार

Fire Safety Audit Report: पटना के होटलों और अस्पतालों में अगलगी से निपटने की तैयारी कितनी है? इसकी रिपोर्ट आ गई है। यह रिपोर्ट डरा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि पटना के कई होटल मानकों पर खड़ा ही नहीं उतर पाए हैं। 

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Bihar Fire: Fire Safety Audit Report for Hotels and Hospitals in Patna Muzaffarpur Hospital Fire Tragedy
पटना के फायर ऑडिट की रिपोर्ट आ गई है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली और मुजफ्फरपुर में अग्निकांड के बाद एक बार फिर से पटना के होटलों और प्राइवेट अस्पतालों में फायर सेफ्टी के हाल का सवाल पूछा जा रहा है। अग्निशमन विभाग की ओर से इस सवाल के अलाको में जो आंकड़ें दिए गए, वह चिंताजनक हैं। इन आंकड़ों में पटना के कई होटल फायर सेफ्टी मानकों पर खड़े ही नहीं उतर पाए हैं। अग्निशमन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार,  पटना जिले में कुल 241 होटलों का निरीक्षण किया गया। इनमें 80 होटलों ने अग्निशमन मानकों का पूर्ण अनुपालन किया है और उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया गया है। दूसरी ओर 161 होटल ऐसे मिले जहां या तो फायर सेफ्टी मानकों का आंशिक पालन किया गया है अथवा आवश्यक व्यवस्था नहीं है।

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रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक होटल लोदीपुर क्षेत्र में हैं, जहां 155 होटल संचालित हैं। इनमें केवल 27 होटलों को एनओसी मिला है, जबकि 128 होटल अभी भी मानकों को पूरा नहीं कर सके हैं। इसके अलावा कंकड़बाग के 13 में से 11, सचिवालय क्षेत्र के 8 में से 7, फुलवारीशरीफ के 18 में से 7, दानापुर के 29 में से 12 और पटलिपुत्र क्षेत्र के 13 में से 12 होटलों को एनओसी मिला है।
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प्राइवेट अस्पतालों की स्थिति होटलों से बेहतर
पटना जिले के 462 निजी अस्पतालों का भी फायर ऑडिट किया गया। इनमें 384 अस्पतालों ने अग्निशमन मानकों का पूर्ण अनुपालन किया है, जबकि 78 अस्पतालों में कमियां पाई गई हैं। सबसे अधिक 92 निजी अस्पताल कंकड़बाग क्षेत्र में हैं, जिनमें 80 ने फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया है। फुलवारीशरीफ के 86 में से 52, दानापुर के 72 में से 68, पटलिपुत्र के 55 में से 45 तथा लोधीपुर के 46 में से 37 अस्पतालों ने पूर्ण अनुपालन किया है। सचिवालय क्षेत्र के 52 अस्पतालों में से 48 और मसौढ़ी के सभी 27 अस्पतालों ने फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया है।
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अग्निशमन विभाग की ओर से जिन होटलों और अस्पतालों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें आवश्यक सुरक्षा मानकों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि सार्वजनिक भवनों में आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए फायर सेफ्टी मानकों का पालन अनिवार्य है। आगामी दिनों में दोबारा निरीक्षण कर अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
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Bihar Fire: Fire Safety Audit Report for Hotels and Hospitals in Patna Muzaffarpur Hospital Fire Tragedy
दो साल पहले पाल होटल में लगी थी आग। - फोटो : अमर उजाला

पटना में अग्निशमन दस्ता की तैयारी कितनी?
इस संबंध में जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने कहा कि भीषण ग्रीष्म लहर और प्रतिकूल जलवायु परिस्थिति कोदेखते हुए बिहार अग्निशमन सेवा इस तरह की घटनाओं से निबटने के लिए सक्षम है। विभाग ने प्रतिरोध, प्रशिक्षण और प्रवर्तन की त्रिसूत्रीय रणनीति अपनाते हुए पटना जिले को अग्नि-विपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आज की तारीख में आग की बड़ी घटनाओं से निबटने के लिए 6 सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी, 4 अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी हैं। वहीं परिचालन दस्ता के रूप में 38 उप-अधिकारी, 77 प्रधान अग्निक, 247 अग्निक एवं 92 अग्निक चालकों की टीम हैं, जो 24 घंटे तैयार रहते हैं। इसके अलावे 22 वाटर टेंडर एवं 3 उच्च क्षमता वाले वाटर बाउजर भी मौजूद हैं।

39 मिस्ट टेक्नोलॉजी वाहन भी उपलब्ध है
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष आपदा निवारण यानी विद्युत् और केमिकल आग से निबटने के लिए पांच फोम टेंडर एवं उच्च-स्तरीय बचाव कार्यों के लिए पांच हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की व्यवस्था कि गई है। शहरी एवं संकरी क्षेत्र के लिए 39 मिस्ट टेक्नोलॉजी वाहन एवं 10 एम.टी. बुलेट्स की भी उपलब्धता है, जो जल संरक्षण के साथ त्वरित आग बुझाने में सक्षम हैं। इस संबंध में जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने कहा कि हमारी प्राथमिकता न केवल आग पर नियंत्रण पाना है, बल्कि जन-भागीदारी के माध्यम से आग लगने की घटनाओं को शून्य करना भी है।

दो साल पहले पटना के पाल होटल में क्या हुआ था?
दो साल पहले पटना में जंक्शन के ठीक सामने स्थित बहुमंजिल पाल होटल में भीषण आग लग गई थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे आग की सूचना सामने आयी और लगभग आधे घंटे के अंदर पूरी बिल्डिंग आग और धुएं से भर गई। इस घटना में छह लोगों की मौत हुई है। इसमें तीन महिला एवं तीन पुरुष थे। पीएमसीएच में इलाज के लिए लगभग 20 लोगों को भर्ती कराया गया था।

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