बिहार विधानसभा हंगामा : राबड़ी देवी ने 'धृतराष्ट्र' से की नीतीश की तुलना, विपक्षी पार्टियों ने की घटना की निंदा
- बिहार विधानसभा में हुए हंगामे पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का ट्वीट
- राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से की
- विधानसभा में महिला विधायकों के साथ बदसलूकी का लगाया आरोप
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बिहार विधानसभा में मंगलवार को हुए हंगामे के बाद राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया है। राबड़ी देवी ने ट्वीट करते हुए नीतीश सरकार पर तंज कसा और उनकी तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से कर दी।
राबड़ी देवी ने ट्वीट किया, 'विधानसभा में महिला विधायकों का चीरहरण होता रहा। सरेआम उनकी साड़ी को खोला गया, ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर खींचा गया, अवर्णीय तरीके से बदसलूकी की गई और नंगई की पराकाष्ठा पार कर चुके नीतीश कुमार धृतराष्ट्र बन कर देखते रहे। सत्ता आनी-जानी है लेकिन इतिहास तुम्हें कभी क्षमा नहीं करेगा।'
विधानसभा में महिला विधायकों का चीरहरण होता रहा।सरेआम उनकी साड़ी को खोला गया, ब्लाउज़ के अंदर हाथ डालकर खींचा गया, अवर्णीय तरीक़े से बदसलूकी की गयी और नंगई की पराकाष्ठा पार कर चुके नीतीश कुमार धृतराष्ट्र बन कर देखते रहे।
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सत्ता आनी-जानी है लेकिन इतिहास तुम्हें कभी क्षमा नहीं करेगा pic.twitter.com/kbl9L4K5Z6 — Rabri Devi (@RabriDeviRJD) March 24, 2021
बिहार में हुए हंगामे की विपक्षी पार्टियों ने की निंदा
बिहार विधानसभा हंगामे को लेकर विपक्षी पार्टियां ने साझा बयान जारी कर इस घटना की निंदा की है। इसमें राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, डीएमके, तेलंगाना राष्ट्र समिति, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना पार्टी शामिल हैं।
इस साझा बयान में पार्टियों ने कहा कि यह एक असंवैधानिक विधेयक है जो पुलिस बल को सशस्त्र नागरिक सेना में तब्दील कर देगा, जो सच बोलने की हिम्मत करने वाले अकादमियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी पार्टियों को बोलने से रोकेंगे।
बता दें कि मंगलवार को राजद नेताओं ने बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 के खिलाफ नारे लगाए थे। कुछ विपक्षी नेताओं की ओर से विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को उनके कक्ष से बाहर जाने से रोकने के बाद, पुलिसकर्मी विधायकों को बाहर निकालने के लिए परिसर में पहुंचे।
यही नहीं बयान में कहा गया कि महिला विधायकों के साथ काफी बदसलूकी हुई। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बिहार में पुलिस राज लागू करने की कपटी साजिश है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के खिलाफ विधायक बोलना चाहते थे लेकिन उनके साथ मारपीट की गई।
इधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में पेश होने वाले बिहार विशेष सशस्त्र विधेयक का बचाव किया और कहा कि ये विधेयक लोगों के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि ये लोगों को कष्ट नहीं देने के लिए बना है। नीतीश कुमार ने कहा कि इस विधेयक को लेकर दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है।