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पटना: लैब का फर्जीवाड़ा, कोरोना पॉजिटिव को भी दे देता था निगेटिव की रिपोर्ट
Thu, 30 Sep 2021 03:58 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 30 Sep 2021 03:58 PM IST
सार
राजा बाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में कोरोना की फर्जी जांच रिपोर्ट का खेल चल रहा था। इसका नेटवर्क एयरपोर्ट से लेकर कई इलाकों में फैला था।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना जांच में धोखाधड़ी और जालसाजी का खेल जोरों पर है। पटना में एक ऐसे पैथोलॉजी लैब का खुलासा हुआ है जो फर्जी कोरोना जांच का प्रमाणपत्र जारी कर रही थी। महज 1200 रुपये के लिए ये लैब कोरोना पॉजिटिव को नेगेटिव की आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर देता था।
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यह लैब संक्रमित लोगों को भी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट बनाकर देता था, जिसे दिखाकर कई लोगों ने हवाई यात्रा भी की। पटना की एयरलाइंस कंपनियों ने बड़े पैमाने पर चल रहे इस खेल को पकड़ा और फिर निदेशक को इसकी सूचना दी। इसके बाद लैब के कर्मचारियों और मालिक पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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राजा बाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में कोरोना की फर्जी जांच रिपोर्ट का खेल चल रहा था। इसका नेटवर्क एयरपोर्ट से लेकर कई इलाकों में फैला था। पटना एयरपोर्ट पर एयरलाइंस कंपनियों ने इसे पकड़ लिया और गोपनीय तरीके से इसकी लिखित जानकारी एयरपोर्ट निदेशक को दी। निदेशक ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल इसे बंद कराने की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच टीम का गठन किया था जिसमें इस बड़े खेल का खुलासा हुआ।
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डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने पटना एयरपोर्ट पर फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया था। तमाम जानकारी के आधार पर जांच टीम ने इस लैब पर छापेमारी की। जांच में पता चला कि फर्जी कोरोना जांच का ये खेल किस तरह से चल रहा था।
जांच में ये भी पता चला कि लैब का रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। पता चला कि सेंटर द्वारा अवैध टेस्ट किए जाते थे और फर्जी रिपोर्ट जारी किया जाता था। साथ ही कोरोना के मानक का पालन नहीं किया जाता था। छापेमारी में विभिन्न लैब की रिपोर्ट और पैसे की रसीद मिली है।