फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna High Court reprimands Bihar Police for breaking into a woman house

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई कड़ी फटकार, कहा- किसी का भी घर बुलडोजर से तोड़ देंगे?

Sun, 04 Dec 2022 06:01 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 04 Dec 2022 06:01 AM IST
सार


पटना के विजय नगर स्थित अगमकुआं पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि भूमि माफियाओं के इशारे पर जमीन खाली करने के लिए उसके परिवार के सदस्यों पर झूठा मामला दर्ज किया गया।

विज्ञापन
Patna High Court reprimands Bihar Police for breaking into a woman house
पटना उच्च न्यायालय

विस्तार

पटना हाईकोर्ट ने एक महिला के घर को तोड़ने के मामले में बिहार पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की, बिहार पुलिस किसका प्रतिनिधित्व करती है, राज्य या किसी निजी व्यक्ति का? तमाशा बना दिया गया है, किसी का भी घर बुलडोजर से तोड़ देंगे? क्या यहां (बिहार में) भी बुलडोजर चलेगा? कोर्ट ने अगली सुनवाई पर पटना (पूर्व) के पुलिस अधीक्षक, अंचल अधिकारी, पटना सिटी और अगमकुआं पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


पटना के विजय नगर स्थित अगमकुआं पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि भूमि माफियाओं के इशारे पर जमीन खाली करने के लिए उसके परिवार के सदस्यों पर झूठा मामला दर्ज किया गया। उनके कहने पर अगमकुआं पुलिस ने घर तोड़ दिया। कोर्ट में शिकायत के बाद थाना प्रभारी ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया था। जस्टिस संदीप कुमार की पीठ ने प्रथमदृष्टया पाया कि राज्य पुलिस ने कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना घर को अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 8 दिसंबर तय की है। एजेंसी
विज्ञापन


जस्टिस संदीप ने याचिकाकर्ता से कहा, घर टूटने पर जो हानि हुई, उसके लिए हम उनकी (पुलिस वालों की) जेब से 5-5 लाख रुपये दिलवाएंगे। याचिकाकर्ता ने जब बताया कि पुलिस ने झूठा केस दर्ज किया है तो कोर्ट ने एफआईआर पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


...ऐसे तो सिविल कोर्ट भी बंद कर दीजिए
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, लगता है कि अफसरों की किसी न किसी भू-माफिया से मिलीभगत है। क्या भूमि विवाद में थाने को ही मामले का निष्पादन करने की शक्ति दे दी गई है? किसी को कोई समस्या हुई तो थाना गया, पैसा दिया और घर तुड़वा दिया। ऐसे तो फिर सिविल कोर्ट को भी बंद कर दीजिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed