फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna high court gave permission to abort 24 month fetus of an rape survivor

हाईकोर्ट ने 6 महीने की प्रेग्नेंट रेप पीड़िता को गर्भपात की इजाजत दी

Sat, 03 Feb 2018 02:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Updated Sat, 03 Feb 2018 02:04 PM IST
विज्ञापन
Patna high court gave permission to abort 24 month fetus of an rape survivor
प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए 16 साल की रेप पीड़िता को गर्भपात कराने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने राज्य स्वास्थ्य विभाग और पटना-एम्स को पीड़िता के 24 हफ्ते यानी 6 महीने के गर्भ को गिराने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर्स ने गर्भपात की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने बुधवार रात 10 बजे यह आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर लड़की की स्वास्थ्य जांच की गई थी। जिसके बाद डॉक्टर्स ने बताया था कि लड़की की और बच्चे की हालत सामान्य है। जिसकी वजह से दवाईयों के जरिए गर्भपात कराया जा सकता है।

विज्ञापन


एम्स-पटना के निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि लड़की को दवाइयों का मिश्रण दिया जा रहा है जिससे संभवत: रविवार तक गर्भपात हो जाएगा। इस फैसले के लिए कोर्ट ने अपने तय सीमा से ज्यादा समय तक सुनवाई की। अमूमन कोर्ट पांच बजे बंद हो जाता है लेकिन इस केस में जस्टिस दिनेश ने रात 10 बजे तक सुनवाई की और पीड़िता को गर्भपात की इजाजत दी। यह पहली बार है जब पटना हाईकोर्ट ने ऐसा फैसला दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद आधी रात से पहले आदेश को स्वास्थ्य विभाग और एम्स भेजा दिया गया था।
विज्ञापन


इस मामले में 16 साल की नाबालिग एक बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। उसका मसरख पुलिस स्टेशन क्षेत्र में विकास शाह नाम के शख्स ने रेप किया था। डर की वजह से उसने यह बात किसी को नहीं बताई लेकिन दो महीने बाद पीड़िता ने पिता को आपबीती बताई। जिसके बाद 24 अक्टूबर 2017 को पिता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई। कोर्ट ने पीड़िता का नाम कोर्ट की बेवसाइट से हटाने और सभी दस्तावेजों से छुपाने के लिए कहा है। कोर्ट ने उसे मिस एबी का नाम दिया है। साथ ही राज्य सरकार को 3 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पटना हाईकोर्ट से पहले सुप्रीम कोर्ट भी 6 फरवरी 2017 को 22 साल की रेप पीड़िता को 6 महीने का गर्भ गिराने की इजाजत दे चुका है। कोर्ट ने यह फैसला महिला की जिंदगी पर आए खतरे को ध्यान में रखते हुए दिया था। कोर्ट ने महिला की स्वास्थ्य जांच के लिए बोर्ड का गठन किया था। वहीं महिला ने कोर्ट से कहा था कि भ्रूण में किडनी नहीं हैं, इसके अलावा उसमें और भी कई विकृतियां हैं जिसके आधार पर यह इजाजत मांगी गई थी। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed