वोटरों की नब्ज पहचान, मोदी कर रहे स्थानीय भाषा का भरपूर प्रयोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली बार सीतामढ़ी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता की नब्ज भलीभांति समझते हैं। इसलिए तो मंच पर आते ही उन्होंने स्थानीय मैथिली भाषा में कहा कि सीतामढ़ी के पावन धरती के प्रणाम करई छी।
सीतामढ़ी में मोदी का जबरदस्त क्रेज दिखा। डुमरा हवाई अड्डे पीएम मोदी की रैली थी। लोग यहां पांच से सात किलोमीटर तक पैदल चलकर आए थे। प्रधानमंत्री अपने करिश्मे को कैश कराने में माहिर हैं।
इसका नजराना यहां भी दिखा। क्षेत्र में दलित-महादलित वोटरों की अच्छी संख्या को देखते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरे लिए मां जानकी की धरती पर आना दोहरे सौभाग्य की बात है।’
उन्होंने कहा कि आज ही महर्षि वाल्मीकि जयंती भी है। मोदी ने खचाखच भरे डुमरा हवाई अड्डा मैदान में क्षेत्र की जनता के मां जानकी से लगाव को कैश कराने में भी देरी नहीं की।
उन्होंने कहा कि राम-जानकी पथ को फोर लेन और रामायण सर्किल से सीतामढ़ी को जोड़ने की व्यवस्था की गई है। बता दें कि इससे सीतामढ़ी सीधे अयोध्या से जुड़ जाएगा।
मोदी का करिश्मा कायम
सभा में भारी मात्रा में युवाओं की जूदगी को भांपते हुए उन्होंने शिक्षा-बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी उठाए। कंप्यूटर-विकास और इक्कीसवीं सदी में बिहार को ले जाने जैसी बातों को लेकर उन्होंने जमकर तालियां बटोरीं।
इस दौरान उन्होंने खुद को विकास पुरुष और नीतिश-लालू को अवसरवादी व बिहार को अठारहवीं सदी में धकेल देने वाला बताया। सीतामढ़ी से स्थानीय भाजपा प्रत्याशी और पूर्व पर्यटन मंत्री सुनील कुमार पिंटू के निर्दलीय कुशवाहा प्रत्याशी से मुश्किल में पड़ने के कारण केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी मौजूद थे।
यदि रैली में जुटी भीड़ को पैमाना माना जाए, तो नरेंद्र मोदी का करिश्मा कायम है। लेकिन यह लोकसभा चुनाव की तुलना में वोटों में कितना तब्दील हो पाएगा यह तो मतपेटियों से निकले परिणाम ही बताएंगे।