समोसे और मिठाइयों पर भी देना पड़ेगा टैक्स
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बिहार में शराबबंदी का फैसला लेने के बाद आबकारी राजस्व के घाटे की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ ऐसे कदमों की घोषणा कर दी है जिनसे लोगों का जायका बिगड़ सकता है।
मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने समोसे और मिठाई जैसे खाद्य पदार्थों पर विलासिता टैक्स की घोषणा कर दी है। इसके अलावा रोजमर्रा की कुछ जरूरी चीजों पर टैक्स की दर 5 फीसदी से बढ़ाकर 13.5 फीसदी कर दी गई है। मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद आम आदमी के बजट पर महंगाई की मार पड़ना तय है।
बता दें कि एक अप्रैल से बिहार में शराब पर पाबंदी लग जाएगी। नीतीश ने चुनाव से पूर्व इस बात की घोषणा की थी कि अगर उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो राज्य में शराब बैन कर दी जाएगी। सत्ता में आने के बाद नीतीश ने एक अप्रैल से शराब बंदी का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार के इस कदम से उसे शराब बिक्री से मिलने वाले मोटे राजस्व से भी वंचित रहना पड़ेगा, ऐसे में इसकी भरपाई के लिए नीतीश सरकार ने अन्य खाद्य पदार्थों पर टैक्स लगाने और बढ़ाने का फैसला किया है।
समोसा और मिठाई पर देना होगा 13.5 फीसदी टैक्स
मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधान सचिव बृजेश मल्होत्रा ने जानकारी दी कि 500 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक की मिठाइयों पर अब 13.5 फीसदी की दर से टैक्स लिया जाएगा। ब्रांडेड नमकीन और पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर भी इसी दर से टैक्स लिया जाएगा।
जिसके बाद नमकीन, समोसा, कचौड़ी, चिप्स आदि पर टैक्स लागू हो गया है। इसके अलावा 500 रुपये मीटर से अधिक के कपड़े और दो हजार रुपये से महंगी साड़ी पर पांच प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा।
इनवर्टर, यूपीएस, बैटरी, मच्छर भगाने की टिकिया, गाड़ियों के पार्ट्स और सूखे मेवे पर भी अब 5 की जगह 13.5 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा। महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधनों पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है। सरकार ने सौंदर्य प्रसाधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों पर भी टैक्स 5 फीसदी से बढ़ाकर 13.5 फीसदी कर दिया गया है।