बिहार के लिए ये आंकड़े वाकई शर्मसार करने वाले
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अनुसूचित जातियों के खिलाफ हिंसा के मामले में बिहार भारत में दूसरे स्थान पर है। बिहार में अनुसूचित जातियों की लड़कियों के स्कूल जाने की दर दूसरी जाति की लड़कियों के मुक़ाबले आधे से भी कम है।
सबसे ज्यादा मजदूरों की संख्या बिहार में
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) के तहत काम करने वाले अनुसूचित जाति के सक्रिय मज़दूरों की सर्वाधिक संख्या बिहार में है। आंकड़ों में बिहार की पहली कड़ी में आपने यहाँ की ग़रीबी और बेरोज़गारी के बारे में जाना।
शिक्षा के मामले में हालात कुछ बेहतर
आंकड़ों में बिहार की दूसरी कड़ी में आपने महिलाओं और बच्चों की स्थिति और अपराध की दर के बारे में जाना। आंकड़ों में बिहार की तीसरी कड़ी में जानिए राज्य में अनुसूचित जाति की हालत।