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Hindi News ›   Bihar ›   Nirmali sub-divisional hospital workers and doctors on strike due to beating in Supaul, OPD service stalled

Bihar: निर्मली अनुमंडलीय अस्पताल कर्मियों और डॉक्टरों ने हड़ताल कर ठप की OPD; इमरजेंसी सेवा भी चालू नहीं कर रहे

Sat, 08 Jul 2023 02:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 08 Jul 2023 02:52 PM IST
सार

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि डॉक्टरों और कर्मियों को इस बात के लिए राजी किया जा रहा है कि वे कम से कम इमरजेंसी सेवा चालू कर दें। ताकि दूर-दूर से आए मरीजों को कठनाई न हो।

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Nirmali sub-divisional hospital workers and doctors on strike due to beating in Supaul, OPD service stalled
सर्पदंश के मरीज के परिजनों ने शुक्रवार को डॉ. नरेश कुमार से मारपीट की थी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के सुपौल के निर्मली अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टर की बीते दिन हुई पिटाई के विरोध में अस्पताल के कर्मी और डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने ओपीडी और इमरजेंसी सेवा को बंद कर दिया है। इस वजह से दूर-दूर से आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा है।

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दरअसल, कल शुक्रवार को निर्मली के छर्रा पट्टी से एक सर्पदंश के मरीज जामुन यादव को लाया गया था। उस दौरान ड्यूटी पर डॉ. नरेश कुमार मौजूद थे। उन्होंने मरीज का इलाज शुरू किया, लेकिन तटबंध के भीतर से आने कारण देरी के चलते मरीज की हालत काफी बिगड़ गई थी। इससे गुस्साए मरीज के परिजनों ने डॉक्टर को पीटते हुए जबरन एम्बुलेंस में बैठाकर सुपौल ले गए थे।
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इस दौरान मरीज की मौत रास्ते में सरायगढ़ के पास हो गई और पूरे रास्ते डॉक्टर की पिटाई भी की गई। बाद में जब डॉक्टर सदर अस्पताल सुपौल पहुंचे तो एम्बुलेंस रुकने के बाद वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकले और अस्पताल में ही छिप गए।
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इस घटना से नाराज निर्मली अस्पताल के कर्मी और डॉक्टर आज शनिवार को ओपीडी सेवा को ठप कर हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मांग है कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा की गारंटी दे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे। हालांकि अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि डॉक्टरों और कर्मियों को इस बात के लिए राजी किया जा रहा है कि वे कम से कम इमरजेंसी सेवा चालू कर दें। ताकि दूर-दूर से आए मरीजों को कठनाई न हो। लेकिन अब तक डॉक्टरों ने उनकी बात नहीं मानी है और हड़ताल जारी है।

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