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Bihar News: रीगा शुगर मिल की ‘मीठी वापसी’, 50 हजार क्विंटल पेराई से किसानों की खुशियों की लौ जगाई

Thu, 08 Jan 2026 09:24 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सीतामढ़ी Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Thu, 08 Jan 2026 09:24 AM IST
सार

सीतामढ़ी की रीगा चीनी मिल लंबे समय बाद फिर से सुचारू संचालन में लौट आई है। वर्तमान में प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो रही है और इसे जल्द ही एक लाख क्विंटल प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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Sweet Comeback of Riga Sugar Mill: 50,000 Quintal Daily Crushing Brings Smiles Back to Farmers
रीगा चीनी मिल फिर चालू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लंबे समय के बाद रीगा चीनी मिल ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है और अब अपने पुराने गौरव को लौटाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है। ट्रायल सफल रहने के बाद मिल का संचालन अब पूरी तरह सुचारू हो चुका है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो रही है, जिसे जल्द बढ़ाकर एक लाख क्विंटल प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है।
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इस सीजन में रीगा चीनी मिल ने कुल 40 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य तय किया है। मिल प्रबंधन की योजना इसे आगे बढ़ाकर 60 लाख क्विंटल तक ले जाने की है। मिल के दोबारा चालू होने से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों को लगातार सूचना देकर समय पर गन्ना मिल तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पेराई पर कोई असर न पड़े और ‘नो-केन’ जैसी स्थिति न बने।
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इस बार मिल प्रबंधन किसानों की सुविधाओं को लेकर खास तौर पर गंभीर नजर आ रहा है। मिल गेट पर ही पुर्जा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ रहा। गन्ने की तौल प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है और कतार में खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तौल व्यवस्थित ढंग से की जा रही है।
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किसानों ने बताया कि मौजूदा प्रबंधन पहले के मुकाबले अधिक संवेदनशील और सहयोगी है। रात के समय किसानों के लिए पेयजल, शौचालय और ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी परेशानी काफी कम हुई है। स्थानीय किसान धनंजय कुमार सिंह, महेंद्र कुशवाहा, सुधीर पटेल और साकेत सिंह ने कहा कि यदि ऐसी ही व्यवस्था बनी रही तो रीगा चीनी मिल का स्वर्णिम दौर फिर से लौट सकता है।

रीगा चीनी मिल में इस बार तकनीकी स्तर पर भी बड़े सुधार किए गए हैं। नई प्रबंधन टीम ने 80 प्रतिशत से अधिक मशीनों और पुर्जों को बदला है, जिससे मिल की क्षमता और उत्पादन दक्षता में साफ तौर पर सुधार देखने को मिल रहा है। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मिल प्रबंधन की ओर से तीन लाख क्विंटल उन्नत किस्म के गन्ना बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका भुगतान अगले सीजन के गन्ना भुगतान से समायोजित किया जाएगा। साथ ही खाद और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। सीनियर गन्ना प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को साप्ताहिक भुगतान, पारदर्शी तौल व्यवस्था और बेहतर सुविधाएं लगातार मिलती रहेंगी। रीगा शुगर मिल की यह “मीठी वापसी” पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए नई उम्मीद और मजबूती का संदेश लेकर आई है।
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