फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Muzaffarpur News ›   Shardiya Navratri Maa Baglamukhi Pitambari Siddhapeeth is famous for Tantra Sadhna in Muzaffarpur

Shardiya Navratri: मुजफ्फरपुर में तंत्र साधना के लिए विख्यात मां बगलामुखी पीतांबरी सिद्धपीठ, खूब आते हैं भक्त

Thu, 03 Oct 2024 09:19 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 03 Oct 2024 09:19 PM IST
सार

बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के कच्ची सराय रोड पर प्रसिद्ध मां बगलामुखी पीतांबरी सिद्धपीठ स्थित है। यहां पर तांत्रिक पूजा विधान के लिए हमेशा भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है।

विज्ञापन
Shardiya Navratri Maa Baglamukhi Pitambari Siddhapeeth is famous for Tantra Sadhna in Muzaffarpur
मां का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवरात्र में मां दुर्गा का पूजन किया जाता है। इसी दौरान में मां दुर्गा के मंदिर की अपनी एक खास अहमियत होती है और ऐसे में पौराणिक और महत्व की मंदिर की बात करें तो दुर्गा पूजा में इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। बिहार में मुजफ्फरपुर के कच्ची सराय रोड में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी पीतांबरी सिद्धपीठ है। जहां पर तांत्रिक पूजा विधान के लिए हमेशा ही भक्तों का जनसैलाब रहता है।

विज्ञापन


आपको बता दें कि यहां पर नवरात्रि के सप्तमी की देर रात होने वाले निशा पूजा के दौरान तांत्रिक सिद्धि के लिए एक बड़ा केंद्र माना जाता है, जिसको करने आसपास के जिले के अलावा नेपाल और बंगाल से कई साधक आते हैं। यही कारण है कि मां बगलामुखी पीतांबरी सिद्धपीठ मुजफ्फरपुर ही नहीं पूरे राज्य और आसपास के जिले के लोगों के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र है।
विज्ञापन




अष्टधातु की बनी माता की प्रतिमा, प्रसाद भी चढ़ता है यहां अन्य मंदिर से अलग
बता दें कि मां बगलामुखी पीतांबरी सिद्धपीठ मंदिर में स्थापित माता की एक प्रतिमा अष्टधातु की बनी हुई है और यह विशेष आकर्षण का केंद्र है। यही नहीं इनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। विशेषकर गुरुवार को पूरे वर्ष भक्त आते हैं और माता के भक्त हल्दी व दही से पूजा कर अपनी मन्नत मांगते हैं। यहां के बारे में कहा जाता है कि सच्चे मन से मांगी हर मुराद पूरी होती है। यही वजह है कि इस मंदिर की शहर में एक विशेष ख्याति है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माता के गर्भगृह के नीचे अवस्थित है विशेष तंत्र
मुजफ्फरपुर में अवस्थित माता बगलामुखी मंदिर के गर्भगृह में एक विशेष यंत्र अवस्थित है। बता दें कि जिसको सहस्त्र दल महायंत्र कहा जाता है, जो की इस मंदिर के नीचे है। ये बताया जाता है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति की मुरादें मां पूरी करती हैं और इस महायंत्र के दर्शन मात्र से सभी मुराद पूरी हो जाती है। यही वजह है कि मंदिर में नवरात्र के अवसर पर देश भर के अलावा बंगाल से भी दर्जनों अघोर तांत्रिक साधना के लिए जुटते हैं। सुबह होने से पूर्व तक तंत्र साधना समाप्त करते हैं। इसको पूरा करने के लिए मंदिर परिसर में चार हवन कुंड बना है। जहां पर तांत्रिक तंत्र क्रियाओं को पूरा करते हैं और इस दौरान यहां महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध रहता है। इसमें केवल पुरुष ही आते हैं और साधना को करते हैं।


मंदिर स्थापना के हैं 275 वर्ष का इतिहास
बताया जाता है कि इस महा मां बंगलामुखी मंदिर की स्थापना महंत देवराज के पूर्वजों ने की, जो लिच्छिवी गणराज्य के वैशाली के महुआ आदलपुर से आकर यहां बसे थे। इनकी कुलदेवी खुद मां बगलामुखी थी और जिसके कारण इनसे प्रसन्न होकर माता की इस परिवार पर असीम कृपा प्रदान किया था। उनके पूर्वज ने मंदिर की स्थापना के पूर्व बंगाल से एक तांत्रिक से गुरु मंत्र लिया और उन्हीं की प्रेरणा से मंदिर की स्थापना हुई , जिसके कारण से ही यहां वाम व दक्षिण मार्ग से पूजा की जाती है।बताया जाता है कि यह मंदिर तंत्र सिद्धि और वास्तु कला के आधार पर बनाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed