Bihar: चिटफंड कंपनी के गुर्गों द्वारा महिलाओं से यौन उत्पीड़न और पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग
Muzaffarpur News: नेताओं ने अपने वक्तव्य में कहा कि जब से केंद्र में भाजपा और बिहार में भाजपा-जदयू की संयुक्त सरकार चल रही है, तब से ही देश और बिहार में अपराध, अत्याचार, व्यभिचार और महिलाओं का यौन उत्पीड़न लगातार जारी है।
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मुजफ्फरपुर में चिटफंड कंपनी के गुर्गों द्वारा महिला कर्मियों के साथ जघन्य यौन उत्पीड़न और नीट परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान न्याय के लिए ऐपवा, आइसा, इनोस के संयुक्त बैनर से सोमवार को जहानाबाद में माले कार्यालय से प्रतिवाद यात्रा निकाली गई, जो स्टेशन परिसर में पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। इस प्रतिवाद मार्च और सभा का नेतृत्व ऐपवा नेत्री रिंकी देवी, प्रमिला देवी, संजू देवी, उषा और शर्मिला देवी तथा नौजवान सभा के मुकेश पासवान, ब्रह्मदेव प्रसाद, विजय यादव और नीतीश कुमार ने किया।
नेताओं ने अपने वक्तव्य में कहा कि जब से केंद्र में भाजपा और बिहार में भाजपा-जदयू की संयुक्त सरकार चल रही है, तब से ही देश और बिहार में अपराध, अत्याचार, व्यभिचार और महिलाओं का यौन उत्पीड़न लगातार जारी है।
प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर में दो साल पहले बालिका आश्रय गृह में हुए यौन उत्पीड़न और हत्या की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी। इसी बीच मुजफ्फरपुर में 2023-24 में फिर से चिटफंड कंपनी के गुर्गों द्वारा महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटना सामने आ गई। गौरतलब है कि डीबीआर यूनीक कंपनी जो एक चिटफंड कंपनी है। इसकी दर्जन भर शाखाएं बिहार के साथ-साथ बाहर यूपी-हरियाणा तक फैली हुई हैं। उसमें नौकरी का झांसा देकर लाखों छात्र-छात्राओं को फंसाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर प्रत्येक से साढ़े 20-20 हजार रुपये के अलावा नेटवर्क कंपनी ने प्रत्येक कर्मी द्वारा 50-50 छात्राओं को फंसाने का काम करवाया है। भविष्य का सुनहरा अवसर दिखाने का सपना दिखाकर अकेले मुजफ्फरपुर में 250 से अधिक छात्राओं का यौन शोषण किया गया। विगत वर्ष 2023 में महाराजगंज के ओमनाथ पांडे द्वारा नामजद मुकदमे किए गए। उनमें 80 महिलाओं से गवाही भी ली गई। कंपनी का कमांडर मनीष सिंह और गोरखपुर से तिलक कुमार सिंह के साथ-साथ छह अन्य कर्मियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
जिला कार्यालय सचिव राम उदय कुमार ने कहा कि आज इस विरोध-प्रदर्शन के जरिए हमने मांग उठाई है कि डीबीआर यूनीक कंपनी को प्रतिबंधित किया जाए। कंपनी के संस्थापक सहित इसमें शामिल तमाम कर्मियों को गिरफ्तार कर सजा दी जाए। साथ ही नीट परीक्षा में हुई धांधली की जवाबदेही केंद्र सरकार ली जाए और इसकी न्यायिक जांच कराई जाए। छात्र-छात्राओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कार्रवाई की न्यायिक जांच हो।