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Bihar: सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के पैर में प्लास्टर की जगह बांधा गत्ता, एसकेएमसीएच में लापरवाही का मामला
Tue, 11 Jun 2024 05:14 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 11 Jun 2024 05:14 PM IST
सार
Muzaffarpur News: मरीज के परिजनों का कहना है कि नीतीश यहां चार दिनों से भर्ती है। लेकिन डॉक्टर पैर को गत्ते से बांधने के बाद देखने भी नहीं आ रहे हैं। इसको लेकर कई बार कहा गया था, लेकिन कोई डॉक्टर देखने नहीं आया है।
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मरीज के टूटे पैर में प्लेट की जगह बांधा गत्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर से स्वास्थ्य विभाग का एक अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। जहां सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के टूटे पैर में प्लास्टर कर प्लेट लगाने की जगह गत्ता बांध दिया गया। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद SKMCH की अधीक्षक डॉ. विभा ने कहा कि अब इलाज किया जाएगा। इसके लिए डॉक्टर को निर्देश दिया गया है। प्लेट की जगह पैर में गत्ता बांधने को लेकर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।
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SKMCH में चार दिन पहले भर्ती हुआ था मरीज
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल SKMCH से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहां सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के टूटे पैर के ऑपरेशन के बाद प्लेट लगाने की जगह ऊपर से गत्ता बांधकर पट्टी कर दी गई। उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल अपनी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे कर ले। लेकिन यहां मरीजों के इलाज में किस तरह लापरवाही बरती जा रही है, यह मरीजों को देख कर पता चलता है।
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जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों जिले में बाइक एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हुए मीनापुर के बरांडा मझौलिया निवासी नीतीश कुमार को भर्ती कराया गया था। उसके बाएं पैर की हड्डी में फ्रैक्चर था, लेकिन डॉक्टर ने पैर में प्लेट लगाकर प्लास्टर को करने के बजाय टूटे पैर में गत्ता बांधकर बैंडेज कर दिया। इसी तरह एसकेएमसीएच में हुई लापरवाही के कई उदाहरण हैं।
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टांके की जगह सुई छोड़ किया गया था प्लास्टर
गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी में मीनापुर के एक स्कूल में प्रार्थना के दौरान पेड़ गिरने से कई बच्चे घायल हो गए थे। उनमें से एक बच्चे का पैर टूट गया था और एसकेएमसीएच में उसका इलाज हुआ था। तब ऑपरेशन के दौरान टांका लगाने वाली सूई को अंदर ही छोड़ कर प्लास्टर कर दिया गया था। उस वजह से उसके पैर में मवाद भर गया, बाद में आखिरकार उस बच्चे का पैर काटना पड़ा था। एसकेएमसीएच में इस तरह इलाज में लापरवाही कई बार सामने आ चुकी है। अब ताजा मामला में मरीज के पैर में प्लेट लगाने की जगह गत्ता लगाया जाना घोर लापरवाही को दर्शाता है।
‘चार दिन नहीं आया कोई डॉक्टर, अब लगा दिया गत्ता’
मरीज के परिजनों का कहना है कि नीतीश यहां चार दिनों से भर्ती है। लेकिन डॉक्टर पैर को गत्ते से बांधने के बाद देखने भी नहीं आ रहे हैं। इसको लेकर कई बार कहा गया था, लेकिन कोई डॉक्टर देखने नहीं आया है। चार दिन तक मरीज के दर्द से कराहने के बाद परिजनों ने इसको लेकर SKMCH के अधीक्षक से इसकी शिकायत की है। इसी दौरान गत्ता लगाकर कोरम पूरा किया गया है।
‘जल्द दिखवा रहे हैं, मामले की जांच करवाई जाएगी’
मामले की जानकारी मिलने के बाद से हरकत में आए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार का बर्ताव मरीज के साथ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। SKMCH की अधीक्षक डॉ. विभा ने कहा कि अब जल्द मरीज का इलाज किया जाएगा। इसके लिए डॉक्टर को निर्देश दिया गया है। प्लेट की जगह पैर में गत्ता बांधने को लेकर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की जाएगी कि क्यों इस तरह का कार्य किया गया। इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।