Bihar News: मुसहरी अंचल में फैले भ्रष्टाचार की अब होगी जांच, अपर मुख्य सचिव को सौंपी गई जिम्मेदारी
Bihar: जांच का जिम्मा संभालते हुए अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे एक पखवाड़े के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। उन्होंने जिले के डीएम से विशेष रूप से मुसहरी अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार के आरोपों और दलालों की संलिप्तता पर रिपोर्ट मांगी है।
विस्तार
राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, दलाली और अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। विभाग के मंत्री संजय कुमार सरावगी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह को जांच सौंप दी है।
सूत्रों के अनुसार, मंत्री सरावगी को यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के माध्यम से मिली। डिप्टी सीएम को जिले के दौरे के दौरान आम नागरिकों और कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुसहरी अंचल कार्यालय में दलालों के दखल, अवैध वसूली और काम के बदले घूसखोरी की शिकायतें दी थीं। इसके बाद मंत्री सरावगी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसीएस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा।
डीएम से मांगी गई रिपोर्ट
जांच का जिम्मा संभालते हुए अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे एक पखवाड़े के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। उन्होंने जिले के डीएम से विशेष रूप से मुसहरी अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार के आरोपों और दलालों की संलिप्तता पर रिपोर्ट मांगी है।
हत्या के बाद सामने आया बड़ा नेटवर्क
इस पूरे मामले ने तूल तब पकड़ा जब बीते मंगलवार को मुजफ्फरपुर शहर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में एक जमीन कारोबारी मोहम्मद जावेद और उसके सहयोगी राजू साह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने जब घटनास्थल से मृतकों की स्कूटी और उनके निजी कार्यालय की तलाशी ली, तो वहां से दाखिल-खारिज समेत कई राजस्व से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
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इनमें रजिस्टर-2 के मूल दस्तावेज और सरकारी डोंगल जैसे साक्ष्य भी शामिल थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ अंचल कार्यालय के हल्का कर्मचारी करते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि हत्या से कुछ देर पहले मोहम्मद जावेद और राजू साह अंचल कार्यालय से निकलकर जिला स्कूल के पास चाय दुकान पर रुके थे। वहीं किसी से विवाद और हाथापाई हुई थी, जिसके कुछ देर बाद बाइक सवार अपराधियों ने दोनों को गोली मार दी।
अंचल कार्यालय में वर्षों से था दबदबा
जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक मोहम्मद जावेद का मुसहरी अंचल कार्यालय पर वर्षों से प्रभाव था। वह कथित तौर पर लोगों के जमीन से जुड़े काम कराने के बदले मोटी रकम वसूलता था। इस संबंध में पहले भी निगरानी विभाग में शिकायत की गई थी। पुलिस ने इस सिलसिले में अंचल कार्यालय के तीन कर्मचारियों समेत दर्जनभर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। विभागीय स्तर पर भी यह आशंका जताई जा रही है कि अंचल कार्यालय के कुछ कर्मचारी दलालों के साथ मिलकर भूमि रजिस्ट्रेशन और दाखिल-खारिज के मामलों में अनियमितताएं कर रहे थे।