बिहार: मक्के की आड़ में 55 किलो 'मेथ' की तस्करी! यहां से गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के राज
मुजफ्फरपुर के बोचहां से 55.860 किलो मेथामफेटामिन जब्ती मामले में डीआरआई की जांच का दायरा बढ़ गया है। मुंबई में मक्के के दानों के बीच छिपाकर विदेश भेजी जा रही खेप पकड़े जाने के बाद टीम ने उनसर गांव से मो. बशीर को गिरफ्तार किया है।
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बिहार के मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना क्षेत्र के उनसर गांव से मुंबई डीआरआई टीम के हत्थे चढ़े 48 वर्षीय मो. बशीर उर्फ फरहान के मामले में अब एजेंसी भी सतर्क हो गई है। पकड़े गए मोहम्मद बशीर के फरहान के नेटवर्क से जुड़े होने की जांच में टीम जुटी है। शुक्रवार को हुई गिरफ्तारी के बाद परिवार और गांव के लोग हैरान हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि बशीर सिर्फ मक्के की सप्लाई करते हैं और ऐसे किसी भी कार्य से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
हालांकि, डीआरआई की टीम का दावा है कि सऊदी अरब भेजे जाने वाले प्रतिबंधित मिथाइल एम्फेटामिन की उस खेप को मुजफ्फरपुर में ही लोड किया गया था। यह प्रतिबंधित पदार्थ यहां कैसे आया और इसे लोड कैसे किया गया, इसकी जांच अभी जारी है। कोर्ट ने मामले में पूछताछ के लिए डीआरआई को ट्रांजिट रिमांड दे दी है। मुंबई में चेकिंग के दौरान यह खेप जब्त हुई थी। इसे मक्के के बीच छिपाकर विदेश भेजने की तैयारी थी, लेकिन जांच के दौरान इसे जब्त कर लिया गया। एजेंसी इस मामले में मोहम्मद बशीर के फरहान के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से कथित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
जाने पूरा मामला, कैसे खुली स्मगलिंग की पोल
दरअसल, 16 सितंबर को मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट स्थित एक कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट की जांच के दौरान मक्के के दानों के बीच छिपाकर रखा सफेद पदार्थ मिला था। जांच में इसकी पहचान मिथाइल एम्फेटामिन के रूप में हुई और करीब 55.860 किलो पदार्थ जब्त किया गया था। इसके बाद इसे भेजने वाले की जानकारी जुटाते हुए टीम बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंची। मुंबई की डीआरआई टीम बोचहां पुलिस के सहयोग से उनसर गांव पहुंची और इस दौरान मो. बशीर को उसके एक गोदाम से गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने इसके बाद उसे स्थानीय सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद डीआरआई की टीम उसे लेकर मुंबई रवाना हो गई। उसे महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उरण स्थित न्यायालय में पेश किया जाना है। इस दौरान एजेंसी पकड़े गए आरोपी से कई बिंदुओं पर पूछताछ कर जानकारी जुटाएगी।
पत्नी बोलीं- आए और पकड़कर ले गए
मोहम्मद बशीर की पत्नी मदीना खातून ने बताया कि उस दिन अचानक पुलिस वाले आए और पति को ले गए। पकड़ने का कारण भी नहीं बताया और किस अपराध में गिरफ्तार किया जा रहा है, यह भी नहीं बताया। सिर्फ इतना कहा कि थाने ले जा रहे हैं, पूछताछ के बाद उसे वापस भेज दिया जाएगा। थाने ले जाने का कारण भी नहीं बताया गया।
उन्होंने बताया कि पति डेढ़ साल से घर पर ही रह रहे हैं। पहले दिल्ली के एक होटल में काम करते थे और फिर यहां आ गए। मक्के की खेप के बारे में उन्होंने बताया कि एक स्थानीय व्यापारी ललन चौधरी से मक्का दिलवाया था और किसी परिचित के कहने पर ही इस मक्के को बाहर भिजवाना था।
'हाजी' और आशीष पाल की कड़ी भी अब जांच के दायरे मेंडीआरआई मुंबई की टीम के मुताबिक, जांच के दौरान मोहम्मद बशीर के संपर्क एक अफगानी नागरिक से होने की बात सामने आई है, जिसे 'हाजी' के नाम से बताया गया है। डीआरआई का यह भी दावा है कि उक्त हाजी के कथित प्रतिनिधि आशीष पाल के संपर्क में भी मोहम्मद बशीर था। अब इन्हीं संपर्कों के जरिए नशीले पदार्थ की खेप की खरीद, भंडारण और लोडिंग की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।डीआरआई इस मामले में हर एक कड़ी को जोड़कर जांच में जुटी हुई है और पिछले कई कंसाइनमेंट की रिपोर्ट लेकर जानकारी जुटा रही है।
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मेथ कैसे पहुंचा बिहार, इस मामले में भी जांच में जुटी एजेंसी
डीआरआई की टीम ने जिस मेथ को जब्त किया है, वह यहां तक किसके माध्यम से और कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मेथ पूर्वी एशिया के म्यांमार, लाओस और वियतनाम के अलावा दक्षिण अमेरिकी देश मैक्सिको में भी बनाया जाता है। हाल के समय में अफगानिस्तान में भी इसका उत्पादन तेजी से बढ़ा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मेथ मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां तक कैसे पहुंचा। क्या यह अफगानिस्तान के रास्ते आया या फिर म्यांमार से पहुंचा, इन सभी बिंदुओं पर अनुसंधान जारी है। इस अति गंभीर मामले में टीम दूसरी एजेंसियों की मदद भी ले रही है।

DRI मुंबई टीम की कार्रवाई

DRI मुंबई टीम की कार्रवाई