बिहार: तिरहुत शिक्षक सीट पर मुकाबला बहुकोणीय, कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ निर्दलीय मैदान में उतरे
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होता जा रहा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने शनिवार को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह, जन सुराज के श्याम नंदन यादव और अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
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बिहार के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प और बहुकोणीय हो गया है। शनिवार को नामांकन के पांचवें दिन बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचे। इस सीट पर सीपीआई के प्रत्याशी और निवर्तमान एमएलसी संजय कुमार सिंह हैं। राजेश राठौड़ के अब निर्दलीय मैदान में उतरने से मुकाबला कड़ा हो गया है। वहीं, इस चुनाव में महागठबंधन के भीतर सीट पर अलग-अलग दावेदारी का सवाल भी चर्चा में है। हालांकि, राजेश राठौड़ ने इसे गठबंधन में दरार के तौर पर देखने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि यह दलगत चुनाव नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षक मतदाता अपने मुद्दों और उम्मीदवार के काम को देखकर मतदान करते हैं। हमें शिक्षकों ने मैदान में आने के लिए कहा, इसलिए उनके हक और लड़ाई के लिए आया हूं।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि वे पिछले एक दशक से शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। शिक्षकों के मुद्दे अब भी गौण होते जा रहे हैं और यही वजह है कि शिक्षक लगातार उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहते रहे। इसी वजह से उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और आज मैदान में इस चुनाव को लड़ने के लिए आया हूं।
बिहार के विपक्षी महागठबंधन में मतभेद के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है। यहां मतदाता किसी पार्टी के नाम पर नहीं, बल्कि शिक्षक और स्नातक हितों को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं। इसलिए इसका अपनी पार्टी और नियमों से कोई लेना-देना नहीं है।
पिछले चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए के उम्मीदवार तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीसरे और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चौथे स्थान पर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि इन सीटों पर सिर्फ दल के आधार पर चुनाव नहीं होता। जो उम्मीदवार शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के मुद्दों के लिए काम करने की बात करेगा, उसे ही मतदाताओं का समर्थन मिलेगा।
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गौरतलब है कि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि जन सुराज ने श्याम नंदन यादव को मैदान में उतारा है। वहीं, जन सुराज से अलग होकर भूषण झा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह, जो सीपीआई से जुड़े हैं, भी इस सीट से चुनाव मैदान में हैं और उनके पांच अक्तूबर को नामांकन दाखिल करने की बात है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्तूबर है। यहां 23 अक्तूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।