{"_id":"686a264dbf09a7ebb40b9682","slug":"muzaffarpur-bihar-news-bjp-minister-says-lalu-yadav-man-of-corruption-people-never-mercy-him-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1376-3136931-2025-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Election 2025: ‘लालू को 'भगवान' कहना दुर्भाग्यपूर्ण’, मंत्री जनक का तीखा हमला; सहनी को दिया खुला ऑफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Election 2025: ‘लालू को 'भगवान' कहना दुर्भाग्यपूर्ण’, मंत्री जनक का तीखा हमला; सहनी को दिया खुला ऑफर
Sun, 06 Jul 2025 02:04 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jul 2025 02:04 PM IST
सार
Bihar Election 2025: एमएलसी उर्मिला ठाकुर द्वारा लालू यादव को भगवान कहे जाने पर मंत्री जनक ने कहा कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दें। साथ ही उन्होंने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को भाजपा की ओर से खुला ऑफर दे दिया। पढ़ें पूरी खबर...।
विज्ञापन
अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री जनक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार सरकार में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री जनक ने रविवार को मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर तीखा प्रहार किया। सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने लालू यादव को ‘अखंड भ्रष्टाचारी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में अधिकारी और आम जनता अपमानित महसूस करते थे। उन्होंने राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर द्वारा लालू यादव को ‘भगवान’ बताए जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि ऐसा कहना जनमानस का अपमान है।
विज्ञापन
‘राजद शासनकाल में अधिकारी होते थे अपमानित’
जनक ने कहा कि लालू यादव के शासनकाल में राज्य के उच्चाधिकारियों का खुलेआम अपमान होता था। यहां तक कि कई बार आईएएस अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर गोली मारी गई। उन्होंने शिल्पी कांड, चंपा विश्वास और यूएन विश्वास जैसे मामलों का जिक्र कर कहा कि जब बिहार की जनता इन घटनाओं को याद करती है, तो रूह कांप उठती है। उन्होंने कहा कि आज वही लालू यादव, जो भ्रष्टाचार के मामलों में सजायाफ्ता हैं और न्यायालयों द्वारा चुनाव लड़ने से वंचित किए जा चुके हैं, उन्हें भगवान कहकर पूजना लोकतंत्र और बिहार की 14 करोड़ जनता का अपमान है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Bihar News: पटना में पहली बार सनातन महाकुंभ, प्रमुख मठों के संतों के साथ बागेश्वर धाम वाले बाबा भी आ रहे
विज्ञापन
‘दलितों और पिछड़ों के साथ किया अन्याय’
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि लालू यादव का इतिहास दलितों और पिछड़ों को अपमानित करने का रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ‘भूरा बाल साफ करो’ जैसे नारों के जरिए जातीय उन्माद फैलाया गया। अब वही नेता बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति को अपने चरणों में स्थापित कर तानाशाही मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस तरह की दोहरी राजनीति को अब बर्दाश्त नहीं करेगी और कभी उन्हें माफ नहीं करेगी।
‘परिवारवाद-वंशवाद की राजनीति का प्रतीक बन चुके हैं लालू’
जनक ने लालू यादव पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह स्वयं सजा पा गए, तो अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी दिलाई और अब बेटे को आगे कर दिया। उन्होंने तंज कसा कि 2025 के चुनाव में जनता ऐसे विरोधी दल को विपक्ष का तमगा भी नहीं देगी। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव जहां से चले थे, वहां वापस लौट जाएंगे।
‘मुकेश सहनी समाज हित में आएं, भाजपा में स्वागत है’
जनक ने बिहार की राजनीति में लगातार सक्रिय हो रहे वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मुकेश सहनी समाज हित में कोई निर्णय लेते हैं और भाजपा में आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- Bihar News: अजगैबीनाथ धाम को मिलेगा 6 लेन का मरीन ड्राइव सरीखा मार्ग, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की घोषणा
‘मतदाता पुनरीक्षण पर सवाल उठाने वालों का इतिहास बूथ लूट का’
विपक्षी दलों द्वारा मतदाता पुनरीक्षण कार्य में अनियमितता के आरोपों पर मंत्री ने पलटवार कर कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, वे वही लोग हैं जिन्होंने अपने शासनकाल में बूथ लूटने जैसे शर्मनाक काम किए थे। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार इस कार्य को पारदर्शी और ईमानदारी से कर रही है और विपक्ष को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा।
‘ईश्वर उर्मिला ठाकुर को सद्बुद्धि दे’
एमएलसी उर्मिला ठाकुर द्वारा लालू यादव को भगवान कहे जाने पर जनक ने कड़ी आपत्ति जताई और व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दें। उन्होंने दोहराया कि जिन लोगों ने बिहार को वर्षों तक अराजकता, भ्रष्टाचार और जातीय उन्माद में झोंक दिया, उन्हें भगवान कहना लोकतंत्र के मंदिर का अपमान है।