फ्रेंच बॉक्सिंग वर्ल्ड कप 2025: उजबेकिस्तान रवाना हुई भारतीय टीम, बिहार से तीन खिलाड़ी व एक कोच शामिल
Bihar: इस विश्व कप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को सवात एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से टीम इंडिया की जर्सी और ब्लेजर प्रदान किया गया है। इसके अलावा, रास वर्ल्ड द्वारा ट्रॉली बैग स्पॉन्सर किए गए हैं और सेंडाई शिल्पी सोनम ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) भेंट कर उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फ्रेंच बॉक्सिंग (सवात्) वर्ल्ड कप 2025 में भाग लेने के लिए भारतीय टीम मंगलवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली से उजबेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के लिए रवाना हुई। यह प्रतियोगिता 23 से 28 जुलाई 2025 तक आयोजित की जाएगी।
भारतीय टीम में बिहार से चार होनहार खिलाड़ी शामिल हैं। टीम के साथ भारत के चर्चित और अनुभवी कोच शिहान ई. राहुल श्रीवास्तव भी रवाना हुए हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय दल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ी
-
प्रियम कर्ण – कैडेट वर्ग, 48 किलोग्राम (मुजफ्फरपुर, बिहार)
-
यश राज – कैडेट वर्ग, 80 किलोग्राम (मुजफ्फरपुर, बिहार)
-
स्वीटी कुमारी – यूथ वर्ग, 56 किलोग्राम (वैशाली, बिहार)
-
होमानी – यूथ वर्ग, 50 किलोग्राम (हिमाचल प्रदेश)
-
वरुणा वालिया – यूथ वर्ग, 48 किलोग्राम (हिमाचल प्रदेश)
टीम में शामिल पदाधिकारी
-
नवजोत बरजोत – शेफ डे मिशन (हरियाणा)
-
ई. राहुल श्रीवास्तव – मुख्य कोच (बिहार)
-
सोनू रानी – आधिकारिक प्रतिनिधि (पंजाब)
इस विश्व कप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को सवात एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से टीम इंडिया की जर्सी और ब्लेजर प्रदान किया गया है। इसके अलावा, रास वर्ल्ड द्वारा ट्रॉली बैग स्पॉन्सर किए गए हैं और सेंडाई शिल्पी सोनम ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) भेंट कर उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
विशेष बात यह है कि भारत कई दशकों बाद पहली बार सवात वर्ल्ड कप में भाग ले रहा है। अगर इस बार टीम कोई पदक जीतती है तो भारत को अपना पहला वर्ल्ड यूथ सवात चैंपियन मिल सकता है, जो भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
2019 में बुल्गारिया में आयोजित सीनियर सवात वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की टीम बिना किसी पदक के लौट आई थी। लेकिन इस बार उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। खेल प्रेमियों को भरोसा है कि राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ी इस बार इतिहास रच सकते हैं।