New criminal law: आज से प्रभावी हुए नए आपराधिक कानून, पुलिस हर थाना ओपी पर आयोजित कर रही जागरूकता कार्यक्रम
Bihar News: देश में आज से नए आपराधिक कानून भारतीय दंड संहिता की जगह लागू हो गए हैं। इसे लेकर पुलिस हर थाना ओपी पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिनमें पुलिसकर्मियों, आम लोगों और जन प्रतिनिधियों को जानकारी दी जा रही है।
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देश में आज से नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 भारतीय दंड संहिता की जगह लागू हो गए हैं। मुजफ्फरपुर के एसएसपी राकेश कुमार ने इसे लेकर टाउन थाने में एएसपी टाउन, एसएचओ टाउन और आम लोगों को इस नए कानून की जानकारी दी। पुलिस द्वारा नागरिक और पीड़ित को इस नए कानून की मदद से व्यक्तिगत और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देना मकसद है। ताकि सभी के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि इस कानून की मदद से कोई भी व्यक्ति किसी भी जगह पर एफआईआर दर्ज करवा सकता है। इसके साथ ही ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकता है। शून्य प्राथमिकी (जीरो एफआईआर) को लेकर के यह बड़ी राहत और सुविधा प्रदान की गई है। इस नए कानून के तहत घटना क्षेत्र की पुलिस द्वारा पीड़ित को 90 दिनों के अंदर जांच की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही सात दिनों के अंदर चिकित्सक भी इसकी मेडिकल रिपोर्ट भेजेंगे। इसके साथ-साथ ही महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराध से निबटने के लिए 37 धाराओं को शामिल किया गया है। 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी को आजीवन कारावास और मृत्युदंड होगा। यही नहीं, झूठे वादे और नकली पहचान के आधार पर यौन शौषण करना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आएगा।
उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ ही केस के आईओ को नई धाराओं को जोड़ने के लिए और काम करने के लिए सभी थानों में गार्ड कॉपी और अन्य गैजेट को उपलब्ध कराया गया है। ताकि कोई भी समस्या का समाधान करने में कठिनाई न हो। साथ ही घटना में आईओ के द्वारा घटनास्थल की वीडियोग्राफी, फोटो और अन्य साक्ष्य के रूप में कलेक्ट किया जाएगा। ताकि अपराधी को सजा दिलाने और मजबूत साक्ष्य के आधार पर न्याय दिलाने में कोर्ट को एक मजबूत आधार दिया जा सके।
गोपालगंज के सभी थानों में पढ़ाया गया भारतीय न्याय संहिता का पाठ
गोपालगंज जिले के भी सभी थानों में एक कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय न्याय संहिता का पाठ सभी थानेदारों ने पढ़ाया गया। इस कार्यक्रम में थाना क्षेत्र के सभी बुद्धिजीवी, व्यवसायी, जन प्रतिनिधि और आम लोग शामिल हुए।
इसी सिलसिले में भोरे थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि आईपीसी अब भारतीय न्याय संहिता कहलाएगी। नया आपराधिक कानून सोमवार यानी आज से लागू किया जा रहा है। इसके तहत अधिकांश आपराधिक धाराएं बदल दी गई हैं। अब हत्या की धारा 302 की जगह बीएनएस में 103 होगी। नए आपराधिक कानून में आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव किया गया है।
गौरतलब है कि नए आपराधिक कानून के तहत अब आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता में केस दर्ज किया जाएगा। इसको लेकर अधिकांश धाराएं बदली गई हैं। इसमें आपराध के प्रमुख बिंदु हत्या, लूट, बलात्कार, डकैती, चोरी, छेड़खानी और अपहरण आदि शामिल हैं। अनुसंधान की पद्धति में भी बदलाव किया गया है। नया आपराधिक कानून लागू करने से पूर्व जिले के सभी थानेदार और पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, आईपीसी की तीन धाराएं 442 गृह अतिचार, 445 गृहभेदन, 447 आपराधिक अतिचार के लिए दंड को भारतीय न्याय संहिता की एक ही धारा 330 बीएनएस में समाहित किया गया है। अब ऐसी होंगी धाराएं- आईपीसी बीएनएस हत्या 302 की जगह 103, हत्या का प्रयास 307 की जगह 109, मारपीट 323 की जगह 115, छेड़छाड़ 354 की जगह 74, नाबालिग का अपहरण 363 की जगह 139, दुष्कर्म करना 376 की जगह 64, लूटपाट 392 की जगह 309, धोखाधड़ी 420 की जगह 318, दहेज हत्या 304बी की जगह 80 और जान से मारने की धमकी देना 506 की जगह 351 होगी।