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Bihar News: बरसात से पहले ही इस गांव के लोगों को कटाव का डर; गांव, विद्यालय और कब्रिस्तान पर मंडरा रहा खतरा
Sun, 23 Jun 2024 01:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 23 Jun 2024 01:59 PM IST
सार
Bettiah News: ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष विधायक वीरेंद्र गुप्ता की पहल से फ्लड फाइटिंग का काम हुआ था, लेकिन वह भी नाकाम साबित हो रहा है। गांव सहित विद्यालय मस्जिद व कब्रिस्तान पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। अभी पूरा बरसात का मौसम बाकी है, इसके बावजूद भी नदी प्रतिदिन कब्रिस्तान का कटाव कर रही है।
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ओरिया नदी के कटाव से खौफ में हैं ग्रमीण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के बेतिया जिले के मैनाटांड़ प्रखंड के थरूहट क्षेत्र के गदियानी भंगहा गांव के लोग ओरिया नदी के कटाव से बरसात होने के पहले से ही भयभीत हैं। यहां ओरिया नदी कटाव करते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ बढ़ रही है। नदी के कटाव से गांव, राजकीय प्राथमिक उर्दू विद्यालय भंगहा गदियानी, मस्जिद और कब्रिस्तान पूरी तरह से खतरे के निशाने पर हैं। नदी कभी भी गांव, विद्यालय, मस्जिद और कब्रिस्तान को अपने आगोश में ले सकती है।
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जानकारी के मुताबिक, गदियानी भंगहा गांव की आबादी लगभग चार हजार है और दो सौ घर हैं। यहां गरीब तबके के लोग निवास करते हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 150 है। वर्ग एक से पांच तक की कक्षाओं का संचालन होता है। सोहेल आलम, प्रदीप कुमार, राहुल कुमार, प्रिया कुमारी और रोशनी खातून आदि विद्यार्थियों ने बताया कि बरसात का मौसम आते ही हम लोग पूरी तरह से सहम जाते हैं कि हमारा गांव और विद्यालय नदी के गर्भ में समा न जाए। इसका हमेशा डर सताता रहता है। नदी प्रतिवर्ष कटाव कर आगे की तरफ बढ़ती रहती है।
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2019 की विनाशकारी बाढ़ ने 11 लोगों के घरों को लील लिया था
सन 2019 में आई विनाशकारी बाढ़ ने नसरुद्दीन मियां, आलम मियां, क्याम मियां, अबुलहसन मियां, मोदाक मिया, मोनाफ मियां और मुस्मात गुलशन सहित 11 लोगों के घरों को अपने गर्भ में ले लिया था। उस घटना में सभी लोग बेघर हो गए थे और सभी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। वहीं, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गदियानी भंगहा के तीन शौचालय भी नदी में जलमग्न हो गए थे।
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ग्रामीणों में आक्रोश की स्थिति
ग्रामीण अखलाक मियां, सलीम मियां, अमजद मियां, नयन मियां, अलिएमाम मियां और नबी मियां सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के विनाशकारी प्रकोप से हम सभी ग्रामीण पूरी तरह से भयभीत और परेशान रहते हैं। लेकिन किसी जन प्रतिनिधि और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। इससे बरसात के दिनों में हम लोगों के दिलों में हमेशा बाढ़ का भय रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष विधायक वीरेंद्र गुप्ता की पहल से फ्लड फाइटिंग का काम हुआ था, लेकिन वह भी नाकाम साबित हो रहा है। गांव सहित विद्यालय मस्जिद व कब्रिस्तान पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। अभी पूरा बरसात का मौसम बाकी है, इसके बावजूद भी नदी प्रतिदिन कब्रिस्तान का कटाव कर रही है। नदी पूरी तरह गांव से सटकर बहती है जो कभी भी पूरे गांव को अपने आगोश में ले सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर ससमय बाढ़ रोधी कार्य नहीं किया जाता है तो हम लोग उग्र होकर आंदोलन भी करेंगे।
इधर, सीओ आशीष आनंद ने बताया कि बरसात से पहले सार्थक पहल की जाएगी। ताकि गदियानी भंगहा के लोगों को कटाव से बचाया जा सके। मामले की जानकारी वरीय अधिकारी को दी जाएगी, ताकि सार्थक पहल की जा सके।