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Hindi News ›   Bihar ›   50-year-old land record (jamabandi) transferred to someone else's name Betiya Paschimi champaran News

बिहार: 50 साल पुरानी जमाबंदी में हेरफेर, दोषी कर्मियों पर प्राथमिकी के निर्देश; डीएम-एडीएम और सीओ से जवाब तलब

Sat, 17 Oct 2026 08:55 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Sat, 17 Oct 2026 08:55 PM IST
सार

बेतिया अंचल में करीब 50 साल पुरानी जमाबंदी को कथित तौर पर न्यायालय के आदेश के बिना रद्द कर दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज करने का मामला सामने आया है। आयुक्त ने प्राथमिकी, दंडात्मक कार्रवाई और अधिकारियों से जवाब मांगा है।

 

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50-year-old land record (jamabandi) transferred to someone else's name Betiya Paschimi champaran News
समाहरणालय पश्चिमी चंपारण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम चंपारण के बेतिया अंचल में जमीन की जमाबंदी में कथित हेरफेर का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 50 वर्षों से चली आ रही जमाबंदी को सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना रद्द कर दूसरे व्यक्ति के नाम ऑनलाइन दर्ज कर दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने दोषी कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने जमाबंदी में बदलाव का आदेश देने वाले पदाधिकारी का नाम स्पष्ट करने को कहा है।

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मामला बेतिया अंचल के पूर्वी करगहिया मौजा की जमाबंदी संख्या-105 से जुड़ा है। परिवाद के अनुसार, 5 एकड़ 62.5 डिसमिल जमीन की जमाबंदी करीब पांच दशक से परिवादी के पिता के नाम पर दर्ज थी। इस जमीन का लगान भी लगातार जमा किया जा रहा था। आरोप है कि पुरानी जमाबंदी समाप्त कर परिवार से असंबद्ध दूसरे व्यक्ति के नाम पर नई जमाबंदी कायम कर दी गई।

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नई जमाबंदी में केवल 53 डिसमिल जमीन दर्ज
इस मामले में जमीन के रकबे को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। मूल जमाबंदी में कुल 5 एकड़ 62.5 डिसमिल जमीन दर्ज थी, जबकि नई जमाबंदी में केवल 53 डिसमिल जमीन ही अंकित की गई। ऐसे में बाकी जमीन का रिकॉर्ड कहां गया और किस आदेश के आधार पर पुरानी जमाबंदी में बदलाव किया गया, आयुक्त ने इस संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा है।

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आयुक्त ने प्रथम दृष्टया इस कार्रवाई को लाभ से प्रेरित और फर्जीवाड़े का मामला बताते हुए जमाबंदी में तत्काल नियमानुसार सुधार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका निर्धारित कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

21 अक्टूबर को अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश
आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता (राजस्व) और बेतिया के अंचल अधिकारी को 21 अक्टूबर को संबंधित अभिलेखों और प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि जमाबंदी किसके आदेश पर बदली गई, मूल जमाबंदी को रद्द करने का आधार क्या था और ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदलाव कैसे किया गया।

आयुक्त ने प्रमंडल के सभी जिलों के राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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