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बिहार में आश्रय गृह से फरार सात लड़कियों में से छह का पता चला, विपक्ष का नीतीश पर निशाना
Sun, 24 Feb 2019 08:56 AM IST
अमर शर्मा
भाषा, पटना
भाषा, पटना
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 24 Feb 2019 08:56 AM IST
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तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार
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बिहार के मोकामा में एक आश्रय गृह से शनिवार को सात नाबालिग लड़कियों के फरार होने के कुछ घंटों बाद इनमें से छह लड़कियां दरभंगा जिले में मिल गई हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी।
दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बाबू राम ने बताया, ''छह नाबालिग लड़कियां शनिवार शाम को गंगौली गांव में मिलीं। यह गांव सकतपुर पुलिस थाना अंतर्गत आता है।''
उन्होंने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर पटना से पुलिस की टीम यहां लापता लड़कियों की तलाश में आई थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को लड़कियों के यहां होने का पता चला था। इनमें से एक लड़की गंगौली गांव की रहने वाली है।
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एसएसपी ने बताया कि यह लड़की पांच अन्य के साथ गांव में मिली और यहां आई पुलिस टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
विपक्षी दलों ने बिहार में राजग सरकार की आलोचना करते हुए कहा आरोप लगाया कि 'पांचों लड़कियां उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई द्वारा यौन उत्पीड़न कांड की जांच में गवाह हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका गायब होना एक ''साजिश'' है जिसे सत्तारूढ़ पार्टी ने ''सत्ताधारियों'' को बचाने के लिए रचा है।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक राज कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, ''मोकामा स्थित आश्रय गृह से शनिवार तड़के तीन बजे से साढ़े तीन बजे के बीच सात नाबालिग लड़कियां एक खिड़की की ग्रिल तोड़कर भाग गईं। यहां उनके हिंसक व्यवहार को सुधारने की कवायद चल रही थी।''
उन्होंने कहा कि अभी यह पता लगाया जाना बाकी है कि क्या इन लड़कियों में मुजफ्फरपुर बालिका गृह की लड़कियां भी थीं।
राजधानी पटना से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आश्रय गृह से फरार हुई लड़कियों को पता लगाने के लि' श्वान दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, ''मुख्यमंत्री समेत पूरे तंत्र को बचाने के लिए मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड की पांच गवाह लड़कियां मोकामा शेल्टर होम से ग़ायब की गईं। भगवान इन अनाथ बच्चियों को दरिंदों से बचाए। काले पाप से किए काले मुँह को बचाने के लिए सत्ताधारियों को क्या-क्या नहीं करना पड़ रहा है?''
यादव की मां और विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा, ''मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह बताना चाहिए कि वह इतने डरे हुए क्यों हैं।''
रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इस घटना पर नीतीश कुमार सरकार की निंदा की है।
कांग्रेस विधान पार्षद प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा, ''ऐसा लगता है कि मुजफ्फरपुर मामले में कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय को मोकामा से लड़कियों के गायब होने पर संज्ञान लेना चाहिए।''
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दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बाबू राम ने बताया, ''छह नाबालिग लड़कियां शनिवार शाम को गंगौली गांव में मिलीं। यह गांव सकतपुर पुलिस थाना अंतर्गत आता है।''
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उन्होंने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर पटना से पुलिस की टीम यहां लापता लड़कियों की तलाश में आई थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को लड़कियों के यहां होने का पता चला था। इनमें से एक लड़की गंगौली गांव की रहने वाली है।
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एसएसपी ने बताया कि यह लड़की पांच अन्य के साथ गांव में मिली और यहां आई पुलिस टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
विपक्षी दलों ने बिहार में राजग सरकार की आलोचना करते हुए कहा आरोप लगाया कि 'पांचों लड़कियां उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई द्वारा यौन उत्पीड़न कांड की जांच में गवाह हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका गायब होना एक ''साजिश'' है जिसे सत्तारूढ़ पार्टी ने ''सत्ताधारियों'' को बचाने के लिए रचा है।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक राज कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, ''मोकामा स्थित आश्रय गृह से शनिवार तड़के तीन बजे से साढ़े तीन बजे के बीच सात नाबालिग लड़कियां एक खिड़की की ग्रिल तोड़कर भाग गईं। यहां उनके हिंसक व्यवहार को सुधारने की कवायद चल रही थी।''
उन्होंने कहा कि अभी यह पता लगाया जाना बाकी है कि क्या इन लड़कियों में मुजफ्फरपुर बालिका गृह की लड़कियां भी थीं।
राजधानी पटना से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आश्रय गृह से फरार हुई लड़कियों को पता लगाने के लि' श्वान दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, ''मुख्यमंत्री समेत पूरे तंत्र को बचाने के लिए मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड की पांच गवाह लड़कियां मोकामा शेल्टर होम से ग़ायब की गईं। भगवान इन अनाथ बच्चियों को दरिंदों से बचाए। काले पाप से किए काले मुँह को बचाने के लिए सत्ताधारियों को क्या-क्या नहीं करना पड़ रहा है?''
यादव की मां और विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा, ''मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह बताना चाहिए कि वह इतने डरे हुए क्यों हैं।''
रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इस घटना पर नीतीश कुमार सरकार की निंदा की है।
कांग्रेस विधान पार्षद प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा, ''ऐसा लगता है कि मुजफ्फरपुर मामले में कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय को मोकामा से लड़कियों के गायब होने पर संज्ञान लेना चाहिए।''