{"_id":"5b5d60de4f1c1b50748b7c4c","slug":"muzaffarpur-case-shelter-home-got-another-project-after-fir","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरपुर: बच्चियों के यौन शोषण मामले में FIR के बाद भी बालिका गृह को मिला एक और प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुजफ्फरपुर: बच्चियों के यौन शोषण मामले में FIR के बाद भी बालिका गृह को मिला एक और प्रोजेक्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:08 PM IST
विज्ञापन
muzaffarpur
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुई शर्मनाक घटना के बाद अब इसे चलाने वाली एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति को एक और सरकारी प्रोजेक्ट आवंटित किए जाने का मामला सामने आया है। बता दें कि स्टेट वेलफेयर डिपार्टमेंट ने मुंबई की संस्था टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइसेंस द्वारा यह प्रोजेक्ट दिया गया है। खास बात यह है कि बालिका गृह में यौन शोषण की रिपोर्ट सौंपने के एक महीने बाद यह प्रोजेक्ट आवंटित किया गया है।
बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में 24 बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले में रोज नए खुलसे सामने आ रहे हैं। बच्चियों के इलाज के नाम पर बालिका गृह में एक कमरा बना हुआ था। जिसपर कल पुलिस ने छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान यहां से 63 प्रकार की दवाएं मिली हैं। जिन्हें जब्त कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म से पहले बच्चियों को मिर्गी के इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया जाता था।
मामले में आईजी और डीआईजी ने कमरा देखने के बाद इसकी एफएसएल और डॉक्टरों को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे में रखे सभी सामानों की जांच की गई। कमरे में अलमारी और बक्से भी मौजूद थे। इस दौरान 63 तरह की दवाएं मिलीं। दवाइयों में मिर्गी के रोगियों के इंजेक्शन भी मिले। डॉक्टरों ने कहा कि यह इंजेक्शन सामान्य व्यक्ति को भी बेहोश कर सकता है।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि बालिका गृह में सेक्स वर्करों को भी लाया जाता था। बालिका गृह के फर्श पर एफएसएल को एक कागज का टुकड़ा मिला है। इसे पढ़ने पर सेक्स वर्करों के भी बालिका गृह में आने के सबूत मिले। इस कागज में आबदा हाईस्कूल के पास भी सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा आश्रय गृह चलाने की बात भी लिखी है।
विज्ञापन
बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में 24 बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले में रोज नए खुलसे सामने आ रहे हैं। बच्चियों के इलाज के नाम पर बालिका गृह में एक कमरा बना हुआ था। जिसपर कल पुलिस ने छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान यहां से 63 प्रकार की दवाएं मिली हैं। जिन्हें जब्त कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म से पहले बच्चियों को मिर्गी के इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया जाता था।
विज्ञापन
मामले में आईजी और डीआईजी ने कमरा देखने के बाद इसकी एफएसएल और डॉक्टरों को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे में रखे सभी सामानों की जांच की गई। कमरे में अलमारी और बक्से भी मौजूद थे। इस दौरान 63 तरह की दवाएं मिलीं। दवाइयों में मिर्गी के रोगियों के इंजेक्शन भी मिले। डॉक्टरों ने कहा कि यह इंजेक्शन सामान्य व्यक्ति को भी बेहोश कर सकता है।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि बालिका गृह में सेक्स वर्करों को भी लाया जाता था। बालिका गृह के फर्श पर एफएसएल को एक कागज का टुकड़ा मिला है। इसे पढ़ने पर सेक्स वर्करों के भी बालिका गृह में आने के सबूत मिले। इस कागज में आबदा हाईस्कूल के पास भी सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा आश्रय गृह चलाने की बात भी लिखी है।