{"_id":"663c8f3beb489bffd40bdede","slug":"satta-ka-sangram-begusarai-youth-says-whoever-studies-will-get-job-there-is-no-fault-of-government-2024-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Satta Ka Sangram: बेगूसराय के युवा बोले- जो पढ़ेगा वो नौकरी पाएगा, सरकार का कोई दोष नहीं, सड़क यहां की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Satta Ka Sangram: बेगूसराय के युवा बोले- जो पढ़ेगा वो नौकरी पाएगा, सरकार का कोई दोष नहीं, सड़क यहां की समस्या
Thu, 09 May 2024 02:36 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 09 May 2024 02:36 PM IST
सार
अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आज यानी गुरुवार को बिहार के बेगूसराय जिले में हैं। यहां सुबह चाय पर चर्चा हुई और दोपहर में युवाओं से बात की गई। वहीं, शाम को सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से चुनावी चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आज बेगूसराय जिले में पहुंचा है। यहां सुबह लोगों से चाय पर चर्चा की गई। इस चर्चा के दौरान लोगों ने अपने-अपने मुद्दों पर खुलकर अपनी राय व्यक्त की। साथ ही बेरोजगारी और महंगाई पर भी अपनी बात रखी। वहीं, दोपहर में यहां युवाओं से चर्चा की गई। इस दौरान युवाओं ने बेगूसराय की समस्या सहित बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे पर बात की।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेगूसराय लोकसभा सीट
बिहार का लेनिनग्राद माना जाने वाला बेगूसराय इस चुनाव में देश की हॉट सीटों में से एक है। इस चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने महागठबंधन के साझा उम्मीदवार के तौर पर पूर्व विधायक अवधेश राय को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, भाजपा ने अपने फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर एक बार फिर दांव लगाया है। यह भूमिहार बाहुल्य सीट है। गिरिराज सिंह भूमिहार जाति से आते हैं, जबकि अवधेश राय यादव जाति से आते हैं। दोनों प्रत्याशी इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं।
विज्ञापन
क्या बोले बेगूसराय के युवा
अमन नाम के युवा ने बताया, देश और प्रदेश दोनों के मुद्दों को देखना पड़ेगा। हम लगभग पूरा देश घूमकर आते हैं और फिर सोचते हैं कि हमारी सिटी भी शहरों की तरह होनी चाहिए। पूरे बेगूसराय में घूम लीजिए, पेड़ ज्यादातर जगहों पर नहीं दिखेगा, जो भी पेड़ सड़कों के किनारे लगे हैं, उसे कटवा दिया गया। बेगूसराय नगर निगम है, जो सिर्फ कहने के लिए बन गया। वास्तव में ये नगर निगम कहने के लायक ही नहीं है। जब वोट लेना होता है, तब लोग आते हैं। जब आप काम करके ही नहीं दिखाओगे तो बाहर जाकर क्या बोलोगे।
आर्य प्रभात ने कहा, जहां भी रोड पर निकलते हैं, रोड पर निकलने से ज्यादा लगता है कि कबड्डी खेलने निकले हैं। सिर्फ बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर लिख देते हैं कि यह क्लीन सिटी है बेगूसराय, लेकिन काम कुछ नहीं हुआ होता। बेगूसराय का नाम प्रदूषित सिटी में आ चुका है। यह हम लोगों के लिए बहुत की शर्म की बात है। प्रदूषण की वजह से भविष्य में बहुत सारी दिक्कतें आती हैं। रोजगार को लेकर प्रभात ने कहा, जो भी आदमी थोड़ा बहुत पढ़ा लिखा है, वो नौकरी तो ले ही लेता है। नौकरी के लिए आप सरकार को नहीं बोल सकते हैं, आपको ही खुद पढ़ना पड़ेगा और नौकरी के लिए योग्य बनना पड़ेगा। बच्चे पढ़ेंगे तभी नौकरी मिलेगी, जब कोई पढ़ेगा ही नहीं तो उसे नौकरी कैसे मिलेगी, तो इसमें सरकार की कोई गलती नहीं है।
वहीं, सौरभ ने कहा कि सड़क पर निकलते ही धूल से भर जाते हैं। वहां, मौजूद अन्य युवाओं ने बेगूसराय शहर की समस्या के साथ-साथ शिक्षा को बेहतर करने की बात पर जोर दिया। साथ ही कहा कि सरकार कोई भी आए, यहां विकास होना चाहिए।