{"_id":"674095c2dc0779d81103a2a1","slug":"munger-news-family-members-create-ruckus-over-death-of-woman-during-delivery-accuse-doctors-of-negligence-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: प्रसव के दौरान महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: प्रसव के दौरान महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
Fri, 22 Nov 2024 08:01 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 22 Nov 2024 08:01 PM IST
सार
Munger News: इलाज के दौरान मौजूद चिकित्सक एनके महतो ने कहा कि महिला की मौत हार्ट अटैक के कारण प्रतीत होती है। हालांकि, परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम बताया।
विज्ञापन
अस्पताल में हंगामा करते मृतका के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुंगेर के धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान अमारी सरधापुर मुशहरी गांव निवासी मदन कुमार मांझी की 22 वर्षीय पत्नी कल्पना कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
विज्ञापन
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, कल्पना कुमारी को 20 नवंबर को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर आशा कार्यकर्ता उर्मिला देवी के साथ सीएचसी धरहरा लाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद नार्मल डिलीवरी का आश्वासन देकर उसे भर्ती कर लिया। 22 नवंबर को स्थिति बिगड़ने पर महिला को एक सूई दी गई, जिसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत और खराब हो गई। चिकित्सकों ने आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप है कि महिला को मृत अवस्था में ही ऑक्सीजन और सलाइन लगाकर रेफर किया गया। साथ ही एम्बुलेंस की अनुपलब्धता और देरी को भी उन्होंने मौत का एक प्रमुख कारण बताया।
विज्ञापन
परिजनों का आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई
मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। धरहरा थाना के सहायक अवर निरीक्षक विनोद कुमार ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल
घटना के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार जिला बैठक में थे। अस्पताल में एम्बुलेंस की कमी को लेकर भी सवाल उठे। परिजनों ने बताया कि महिला को अस्पताल लाने और रेफर करने के समय एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ गई।
वहीं, इलाज के दौरान मौजूद चिकित्सक एनके महतो ने कहा कि महिला की मौत हार्ट अटैक के कारण प्रतीत होती है। हालांकि, परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम बताया।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
यह घटना स्थानीय लोगों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर स्थिति को लेकर आक्रोश पैदा कर गई है। परिजनों और ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है बल्कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति की ओर भी इशारा करती है।