Bihar Police: खगड़िया में एसपी ने SHO समेत छह पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, झूठे केस में फंसाकर वसूली का आरोप
Bihar Police: खगड़िया में एसपी राकेश कुमार ने सख्त कार्रवाई कर थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सभी पर झूठे केस में फंसाकर 80 हजार रुपये की वसूली करने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर...।
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खगड़िया जिले में पुलिस महकमे की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों पर खगड़िया के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलौली थाना के बहादुरपुर ओपी पिकेट के थानाध्यक्ष अजय कुमार, दो सिपाही और दो चौकीदारों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस विभाग में मची इस हलचल के बाद आमजन में राहत की सांस तो ली जा रही है। लेकिन साथ ही यह घटना पुलिसिया दमन और भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर भी पेश करती है।
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शराब के झूठे केस में फंसाकर मांगी गई थी भारी रकम
जानकारी के मुताबिक, मामला 13 मार्च का है जब वाहन जांच के नाम पर बहादुरपुर ओपी पुलिस ने एक बोलेरो वाहन को रोका और उसके मालिक से अवैध वसूली की कोशिश की। पड़री निवासी आशुतोष कुमार ने इस मामले में एसपी को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके वाहन में जानबूझकर शराब की बोतल रख कर उसकी तस्वीर ली और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें थाना लाकर गिरफ्तार करने की धमकी दी गई और 80 हजार रुपये की मांग की गई।
एसपी के आदेश पर हुई जांच, सभी दोषी पाए गए
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी राकेश कुमार ने सदर एसडीपीओ-2 से जांच कराई, जिसमें यह पूरा मामला सत्य और प्रथम दृष्टया सभी पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। इसके बाद थानाध्यक्ष अजय कुमार, दो सिपाही और दो चौकीदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एसपी ने स्पष्ट कहा कि कानून की आड़ में किसी प्रकार की जबरन वसूली और आम नागरिकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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हाजत से निकालकर पीड़ित को ले गए एटीएम
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने पीड़ित को थाने की हाजत में रखने के बाद एटीएम ले जाकर उससे 80 हजार रुपये की निकासी कराई। घटना की पूरी प्रक्रिया सुनियोजित लगती है, जिसमें पुलिस ने पहले झूठा आरोप लगाया। फिर अवैध वसूली की योजना बनाई और आखिर में एटीएम से रकम निकलवाकर पीड़ित को छोड़ दिया गया।
पहले भी हो चुकी है इसी तरह की कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी महेशखूंट थाना के एक एसआई को अपराधी के मोबाइल से रुपये ट्रांसफर कराने के आरोप में निलंबित किया गया था। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति से साफ है कि जिले में कई पुलिसकर्मी सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे हैं, लेकिन इस बार एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को सजा दी है।
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