Bihar News: जमालपुर कारखाना ने फिर रचा इतिहास, 7 माह में 49 बीटीपीएन वैगन किए तैयार
Bihar: रेलवे बोर्ड ने जनवरी 2025 में जमालपुर कारखाने को इस वैगन के निर्माण की अनुमति दी। फरवरी 2025 में निर्माण शुरू हुआ और अगस्त 2025 तक 49 वैगन तैयार हो गए। इस उपलब्धि को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने कारखाने को 51 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
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एशिया के प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाने, जमालपुर ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परचम लहराया। कारखाने के कर्मियों ने मुख्य कारखाना प्रबंधक बी. पी. वर्णवाल के नेतृत्व में मात्र 7 माह में लगभग 30 करोड़ की लागत से 49 बीटीपीएन वैगन का निर्माण किया और उन्हें भारतीय रेलवे के लिए रवाना किया। इस उपलब्धि की चर्चा अब पूरे भारतीय रेलवे में हो रही है।
बीटीपीएन वैगन क्या है
बीटीपीएन वैगन, जिसे बोगी टैंक वैगन पेट्रोल-नेफ्था भी कहा जाता है, गोलाकार वैगन होता है। इसका उपयोग पेट्रोलियम, कैरोसिन, डीजल जैसी तरल पदार्थों के परिवहन के लिए किया जाता है। कभी-कभी इसका इस्तेमाल गैस के ट्रांसपोर्ट के लिए भी किया जाता है। इससे पहले, पूरे भारतीय रेल में बीटीपीएन वैगन का निर्माण कहीं नहीं होता था और इसे पश्चिम बंगाल में प्राइवेट सेक्टर के जरिए बनाया जाता था।
रेलवे बोर्ड ने जनवरी 2025 में जमालपुर कारखाने को इस वैगन के निर्माण की अनुमति दी। फरवरी 2025 में निर्माण शुरू हुआ और अगस्त 2025 तक 49 वैगन तैयार हो गए। इस उपलब्धि को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने कारखाने को 51 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
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गुरुवार को रेलवे बोर्ड के अधिकारी, मुख्य कारखाना प्रबंधक बी. पी. वर्णवाल, डिप्टी चीफ मैकेनिकल इंजीनियर (वैगन) अभिनव कुमार और डिप्टी मेनुफैक्चरिंग सौरभ कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर 49 वैगनों को जमालपुर से एनएफ रेलवे के लिए रवाना किया। अधिकारियों ने कहा कि बीटीपीएन वैगन का निर्माण कारखाने के कर्मियों की कार्यकुशलता का प्रमाण है और यह कारखाना भविष्य में भारतीय रेलवे के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।