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Bihar News: हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने गए थे, सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने कर दी नसबंदी; मरीज परेशान
Sat, 16 Mar 2024 04:47 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 16 Mar 2024 04:47 PM IST
सार
Munger News: पीड़ित मरीज ने कहा कि चिकित्सक अशोक पासवान के खिलाफ पुलिस अधीक्षक और साफियाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उसने कहा कि चिकित्सक ने गरीब-गुरबों का भरोसा सरकारी अस्पतालों से पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
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परिजन के साथ पीड़ित मरीज नवल मालाकार
- फोटो : अमर उजालाा
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विस्तार
बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां डॉक्टरों ने हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने आए 50 वर्षीय व्यक्ति का नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया। अब पीड़ित मरीज को चिंता सता रही है कि जिस समस्या के लिए पीएचसी पहुंचा, उसका समाधान तो हुआ ही नहीं। फिर आखिर चिकित्सकों ने झांसे में रखकर आखिर उसकी नसबंदी क्यों कर दी। पीड़ित मरीज की पहचान जमालपुर प्रखंड के परहम पंचायत के फरदा मालिक टोला निवासी भोला मालाकार के बेटे नवल मालाकार के रूप में हुई है। डॉक्टरों की इस लापरवाही से पूरा परिवार परेशान है।
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पीड़ित नवल मालाकार ने बताया कि गरीब परिवार से होने के कारण सरकारी अस्पताल में हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराना चाहता था। चार मार्च को जब हाइड्रोसील के बाएं तरफ दर्द बढ़ गया तो जमालपुर के पीएचसी में पहुंचा। जहां डॉक्टर अशोक पासवान ने बातचीत के बाद कहा कि हाइड्रोसील का ऑपरेशन होगा, तभी यह ठीक होगा। उसके बाद चिकित्सकों ने उसे ऑपरेशन थियेटर में डाल ऑपरेशन कर दिया। पीड़ित ने बताया कि चार मार्च को ही उसे अस्पताल से यह कहकर छुट्टी भी दे दी गई कि अब उसके हाइड्रोसील का आपरेशन कर दिया गया है, अब दर्द नहीं होगा।
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पीड़ित ने आगे बताया कि घर पहुंचने के एक सप्ताह बाद भी जब दर्द से आराम नहीं मिला तो स्थानीय चिकित्सकों को दिखाया। स्थानीय चिकित्सकों ने कहा कि हाइड्रोसील का ऑपरेशन तो किया ही नहीं गया है, उसके बजाय नसबंदी कर दी गई है। डॉक्टरों ने कहा कि पुरुष नसबंदी की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर सरकारी चिकित्सकों ने मरीज को धोखे में रख और गरीब अनपढ़ समझ उसकी नसबंदी कर दी है।
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पीड़ित मरीज ने कहा कि चिकित्सक अशोक पासवान के खिलाफ पुलिस अधीक्षक और साफियाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उसने कहा कि चिकित्सक ने गरीब-गुरबों का भरोसा सरकारी अस्पतालों से पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इसे लेकर सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि मामला काफी गंभीर है। जांच कर कार्रवाई कर की जाएगी।