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Bihar: जन्म से एक हाथ से दिव्यांग, फिर भी दंडवत यात्रा पर निकले 75 वर्षीय सोमन राय, देखकर हर कोई कर रहा प्रणाम

Sat, 18 Jul 2026 09:34 PM IST
मुंगेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर Published by: मुंगेर ब्यूरो Updated Sat, 18 Jul 2026 09:34 PM IST
सार

श्रावणी मेले के दौरान मुंगेर के असरगंज स्थित कच्ची कांवरिया पथ पर 75 वर्षीय दिव्यांग कांवरिया सोमन राय अपनी दंडवत यात्रा से श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। दरभंगा के गोपालपुर निवासी सोमन राय जन्म से एक हाथ से दिव्यांग हैं और उनके हाथ में केवल एक उंगली है।

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75 year old divyang kanwariya soman rai dandavat yatra sultanganj to baba baidyanath dham deoghar
दंडवत जाते दिव्यांग सोमन राय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया पथ पर हर दिन आस्था के अनोखे दृश्य देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया। मुंगेर जिले के असरगंज स्थित कच्ची कांवरिया पथ पर 75 वर्षीय दिव्यांग कांवरिया सोमन राय अपनी दंडवत यात्रा से श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। जन्म से ही एक हाथ से दिव्यांग सोमन राय के हाथ में केवल एक उंगली है, लेकिन बाबा भोलेनाथ के प्रति उनकी अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प के आगे उनकी शारीरिक कमजोरी भी छोटी साबित हो रही है।

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सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर दंडवत करते हुए बाबा धाम की ओर रवाना

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी सोमन राय सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर दंडवत यात्रा करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकले हैं। असरगंज के कमराय के पास कच्ची कांवरिया पथ पर जब श्रद्धालुओं ने उन्हें दंडवत करते देखा तो हर कोई उनकी भक्ति और हौसले को नमन करता नजर आया। कई कांवरियों और राहगीरों ने उनका उत्साह बढ़ाया और उनकी यात्रा को प्रेरणादायक बताया।

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'कोई मन्नत नहीं, सिर्फ बाबा के प्रति श्रद्धा'

सोमन राय ने बताया कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ से कोई विशेष मन्नत नहीं मांगी है। यह पूरी यात्रा केवल श्रद्धा, आस्था और भक्ति की भावना से कर रहे हैं। उनका कहना है कि दंडवत यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन उन्हें किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हो रही। उनका विश्वास है कि बाबा भोलेनाथ स्वयं उन्हें अपने धाम तक पहुंचा रहे हैं।

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एक हाथ से करते हैं खेती-बाड़ी का पूरा काम

सोमन राय ने बताया कि दिव्यांगता ने कभी उनके हौसले को कमजोर नहीं किया। वह एक हाथ से ही खेती-बाड़ी का पूरा काम करते हैं। गेहूं और मक्का की कटाई जैसे कठिन कार्य भी खुद करते हैं। उनका कहना है कि अगर मन में विश्वास और मजबूत इरादा हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।

परिवार भी साथ, श्रद्धालुओं के लिए बने प्रेरणा

इस कठिन आध्यात्मिक यात्रा में सोमन राय का पूरा परिवार भी उनके साथ चल रहा है। 75 वर्ष की उम्र में दंडवत यात्रा कर रहे सोमन राय कांवरिया पथ से गुजरने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी अटूट आस्था, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प यह संदेश दे रहे हैं कि सच्ची भक्ति के सामने न उम्र मायने रखती है और न ही शारीरिक अक्षमता।

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