फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   more than 3000 teachers resigned on his job

बिहार में 'डर के मारे' तीन हजार शिक्षकों ने दे दिया इस्तीफा

Sun, 02 Aug 2015 03:16 PM IST
Updated Sun, 02 Aug 2015 03:16 PM IST
विज्ञापन
more than 3000 teachers resigned on his job

बिहार में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षकों के इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार द्वारा हाइकोर्ट को दी गई सूचना के अनुसार तीन हजार और प्राइमरी शिक्षकों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा 353 और शिक्षकों के डाक्यूमेंट्स फर्जी पाए गए हैं।

विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार सरकार ने कोर्ट को बताया कि इनमें से 1660 के करीब शिक्षकों ने आम माफी के तहत नौकरी से इस्तीफा दिया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता ललित किशोर ने पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी और न्यायाधीश अंजना मिश्रा की बेंच को यह जानकारी दी।
विज्ञापन


बेंच रंजीत पंडित की उस पीआईएल पर सुनवाई कर रही थी जिसमें 25 हजार के करीब शिक्षकों के प्राइमरी स्कूलों में फर्जी डिग्रियों के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने खुद इस्तीफा देने वालों के लिए शुरू की 'सामूहिक माफी'

more than 3000 teachers resigned on his job

अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि मामले में विजीलेंस टीम रायपुर, हजारीबाग, गुवाहाटी और नई दिल्‍ली जाकर शैक्षिक कागजातों की जांच कर रही है। इस काम के लिए विजीलेंस को अतिरिक्त स्टाफ भी मुहैया कराया गया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
 
बता दें कि शिक्षक भर्ती में फर्जीवाडे की भयावहता देखते हुए कोर्ट ने बीती 22 जून को आम माफी की व्यवस्‍था की थी जिसके तहत फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षक खुद ही इस्तीफा देकर कार्रवाई से बच सकते हैं।

कोर्ट ने इस संबंध में सरकार को निर्देश जारी करने के आदेश दिए थे जिसके तहत ऐसे शिक्षकों को इस्तीफा देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था।

इस्तीफा न देने वालों संपति हो सकती है जब्त

more than 3000 teachers resigned on his job

ऐसे में जो भी व्यक्ति आम माफी का समय बीतने के बाद फर्जी डिग्री से नौकरी करता पाया जाएगा उसके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों में कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा नौकरी करने वाले व्यक्ति से उस दौरान तनख्वाह के तौर पर ली गई रकम की वसूली भी की जाएगी।

जिसके लिए जरूरत पड़ने पर उसकी संपति की बिक्री भी की जा सकती है। इसके अलावा वह भविष्य में किसी अन्य सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य भी ठहराया जाएगा।

इस संबंध में ललित किशोर ने 13 जुलाई को कोर्ट को बताया था कि 1271 शिक्षकों ने नोटिस मिलने के बाद नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद कोर्ट ने 14 जुलाई को सामूहिक माफी की व्यवस्‍था को दो हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed