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Bihar : 23 साल बाद बिहार में मिले खनिज, प्राइवेट पार्टी के जरिए सरकार कराएगी इनके खनन की बंदोबस्ती

Thu, 30 Mar 2023 02:34 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 30 Mar 2023 02:34 PM IST
सार

बिहार में दो दशकों में कोई खनिज का भंडार नहीं ढूंढ़ा जा सका। अब राज्य सरकार को राज्य के तीन जिलों- गया, जहानाबाद, रोहतास और जमुई में तीन-चार तरह के महंगे खनिजों का भंडार मिला है। 

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Minerals found in Bihar after 23 years, the government will arrange for their mining through a private party
गया, जहानाबाद, रोहतास और जमुई से बदलेगी बिहार की अर्थव्यवस्था। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

खनिज-वन से परिपूर्ण झारखंड के अलग होते ही बिहार में सिर्फ आलू-बालू बचने की कहावतें प्रसिद्ध हो गई थीं। दो दशकों में कोई खनिज का भंडार नहीं ढूंढ़ा जा सका। अब बिहार सरकार को राज्य के तीन जिलों- गया, जहानाबाद, रोहतास और जमुई में तीन-चार तरह के महंगे खनिजों का भंडार मिला है। बालू घाटों की बंदोबस्ती में देरी के कारण चर्चा में रहने वाला बिहार सरकार का खनन विभाग इन खनिजों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है।

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जानें कौन-सा खनिज मिला है कहां
गया के पातालगंगा, जहानाबाद-रोहतास जिले के कुछ हिस्सों और जमुई जिले के मंजोस के पास लंबी खनन-जांच प्रक्रिया के बाद में लाखों टन खनिज पदार्थों का पता चला है। इन जगहों पर खुदाई में चूना पत्थर, वैनेडियम युक्त मैग्नेटाइट इल्मेनाइट, मैग्नेटाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिज पाए गए हैं। इन खनिज पदार्थों के भंडार की जानकारी के बाद सरकार अर्थव्यवस्था में सुधार के नजरिए से भी उत्साहित है। जमुई के मजोस में सामान्य अन्वेषण (जी2 चरण) में 48.40 मिलियन टन मैग्नेटाइट पाया गया है। रोहतास में पिपराडीह-भुरवा ब्लॉक में प्रारंभिक अन्वेषण (जी3 चरण) ने 12.46 वर्ग किमी गैर-वन क्षेत्र में 88.38 मिलियन टन ग्लूकोनाइट मिलने की संभावना है। मैग्नेटाइट मुख्य लौह अयस्कों में से एक है, जबकि ग्लूकोनाइट अभ्रक जैसा खनिज है। इन खनिज पदार्थों की नीलामी से सरकार को लंबे समय तक अच्छा राजस्व हासिल होगा।
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एसबीआई कैपिटल मार्केट्स करेगा प्रक्रिया
खनन विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि "यह खनिज संसाधन  गैर-वन क्षेत्रों में खोजे गए हैं। राज्य सरकार इनकी बंदोबस्ती के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को बतौर लेन-देन सलाहकार नियुक्त करेगी। नीलामी के नियमों और शर्तों को लेकर एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के सुझाव के आधार पर बंदोबस्ती की जाएगी। गैर-वन क्षेत्र में होने और नदी क्षेत्र में नहीं होने के कारण इसके खनन के लिए विभिन्न प्राधिकारों से अनुमति की प्रक्रिया नहीं करनी होगी। भारी मात्रा में ऐसे खनिज पदार्थों का मिलना बिहार के लिए बेहद संतोषजनक विषय है।" 
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किस प्रक्रिया से मिले यह खनिज पदार्थ
किसी भी खनिज भंडार के लिए अन्वेषण के चार चरण होते हैं- टोही (जी4), प्रारंभिक अन्वेषण (जी3), सामान्य अन्वेषण (जी2) और विस्तृत अन्वेषण (जी1)। खनन-खोज की आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राज्य के विभिन्न हिस्सों में यह खनिज भंडार सामने आए हैं। वर्ष 2000 में झारखंड बंटवारे के समय खनिज पदार्थों और वनों का बड़ा हिस्सा बिहार से कटकर चला गया था। दो दशक से ज्यादा गुजरने के बाद खनिज पदार्थों का बड़ा भंडार मिला है। पिछले महीने रोहतास में भोरा-कथरा में प्रारंभिक अन्वेषण में 5.60 वर्ग किलोमीटर में चूना पत्थर जमा पाया गया। खनन-खोज से जुड़े विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र में 39.68 मिलियन टन चूना पत्थर का अनुमान है। इसी तरह गया और जहानाबाद में वैनेडियम युक्त मैग्नेटाइट इल्मेनाइट का भंडार बड़े भूभाग के अंदर पाया गया है। वैनेडियम का उपयोग स्टील, पाइप, सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट, मेडिकल इम्प्लांट और बैटरी के निर्माण में किया जाता है।

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