बिहारः मांझी का यह कदम बढ़ा सकता है नीतीश की मुश्किलें
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बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा का सहयोग लेने की बात कही है। बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि, "ज़रूरत पड़ने पर चुनाव के बाद भाजपा की मदद से भी सरकार बना सकते हैं और भाजपा को मदद भी दे सकते हैं। भाजपा हमें कोई परहेज नहीं है।"
मांझी ने साफ किया कि वो फिर से जेडीयू या फिर जनता परिवार का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा, "हमारे 34 निर्णयों को नीतीश कुमार ने रद्द कर दिया और इसी सवाल पर हमने पार्टी को छोड़ा है। उन्हीं नीतीश कुमार को लालू यादव नेता मानकर चल रहे हैं।
इसलिए उनके साथ जाने का कोई औचित्य नहीं है।" वो कहते हैं, "नीतीश कुमार को अगर हटाकर मुझे मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में लालू लाते हैं तो फिर इस बारे में सोचेंगे। इसके बिना बात करने का कोई सवाल नहीं उठता।"
मोदी की तारीफ़
मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद मांझी ने जेडीयू छोड़ अपनी पार्टी बनाई। अपनी पार्टी के भविष्य के बारे में वे कहते हैं, "243 सीटों पर हमारी तैयारी चल रही है। चुनाव के पूर्व गठबंधन की हमारी कोई योजना नहीं है।
चुनाव के बाद की परिस्थितियों में गठबंधन को लेकर हम विचार कर सकते हैं।" उनका कहना है कि, "भाजपा और नरेंद्र मोदी की जो कथित तौर पर सांप्रदायिक छवि है, लेकिन कहीं भी मैं यह नहीं देख रहा हूं कि उसे नरेंद्र मोदी बढ़ा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि अभी उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत करने के लिए समय मांगा है।