फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Makar Sankranti: Bhagalpur's Katrani Chuda and Gaya's Tilkut are still excellent, packets dominate the curd

मकर संक्रांति: भागलपुर के कतरनी चूड़ा और गया के तिलकुट का अब भी जोड़ नहीं, दही के बाजार पर पैकेट हावी

Sun, 15 Jan 2023 06:56 AM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/गया/भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/गया/भागलपुर Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Sun, 15 Jan 2023 06:56 AM IST
सार

बिहार में मकर संक्रांति को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। भीषण ठंड में नहाने से बचने वाले भी रविवार को नहाकर ही चूड़ा, दही, गुड़, तिलकुट, तिलवा, बंगला आदि सूर्य को समर्पित करेंगे, फिर खुद खाएंगे। चूड़ा की क्वालिटी कितनी है, यह बताना आसान नहीं।

विज्ञापन
Makar Sankranti: Bhagalpur's Katrani Chuda and Gaya's Tilkut are still excellent, packets dominate the curd
लाई में मूढ़ी के अलावा धान के लावा की लाई भी बाजार में खूब बिक रही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में मकर संक्रांति को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। भीषण ठंड के कारण नहाने से बचने वाले भी रविवार को नहाकर ही चूड़ा, दही, गुड़, तिलकुट, तिलवा, बंगला आदि पहले सूर्य भगवान को समर्पित करेंगे, फिर खुद खाएंगे। बिहार में चूड़ा की क्वालिटी कितनी है, यह बताना आसान नहीं। कहीं सफेद तो कहीं लाल चूड़ा मिलेगा। कहीं पतला तो कहीं मोटा दाने जैसा चूड़ा। कहीं प्राकृतिक सुगंध वाला। चूड़ा में अब भी भागलपुरी कतरनी चूड़ा का दबदबा है, जबकि तिलकुट में गया का जलवा कम नहीं हुआ है। भागलपुरी कतरनी चूड़ा राष्ट्रपति भवन तक जाता है तो गया का तिलकुट भी। दही का बाजार जरूर बदला है। कभी मिथिलांचल से दही मंगाकर लोग खाते थे, लेकिन अब हर तरफ पैकेट हावी है।  

विज्ञापन

 

Makar Sankranti: Bhagalpur's Katrani Chuda and Gaya's Tilkut are still excellent, packets dominate the curd
भागलपुर में चूड़ा की वेरायटी के बीच कतरनी का जलवा। - फोटो : अमर उजाला

धान की खेती कम, मगर चूड़ा का बाजार गरम
मकर संक्रांति को लेकर भागलपुर के बाजार में चार दिनों से चल रही चहलपहल शनिवार को चरम पर रही। दूसरे जिलों से भी लोग संक्रांति को लेकर भागलपुर आकर कतरनी चूड़ा खरीदकर ले जा रहे हैं। इस साल करतनी चूड़ा 90से 110 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है। मालभोग कतरनी चूड़ा 100 से 120 रुपये प्रति किलो की दर पर बिका। इस वर्ष धान का ज्यादा उत्पादन नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान भी झेलना पड़ा है, लेकिन बाजार भाव पर इसका ज्यादा असर नहीं है। खुदरा विक्रेता महासंघ, बिहार के महासचिव रमेशचंद्र तलरेजा बताते हैं कि पैकेट वाले महंगे चूड़े-पोहे-चिउरा आदि से ज्यादा मकर संक्रांति पर लोग लोकल किसानों के उत्पादित धान का चूड़ा लेना पसंद करते हैं। इसमें कतरनी चूड़ा का बाजार थोड़ा अलग ही है।

गया से निकल ब्रांड बन बिक रहा तिलकुट
गया में तिलकुट के बाजार का भी यही हाल है। गली-गली में तिलकुट का ऐसा बाजार सजा है कि शनिवार को शहर से आना-जाना लोगों के लिए मुश्किल रहा। दूसरे शहर से भी लोग गया आकर तिलकुट ले जा रहे हैं। खोआ तिलकुट और गुड़ तिलकुट की मांग ज्यादा है, हालांकि सामान्य तिलकुट की बिक्री बहुत ज्यादा हो रही है। गया से निकल तिलकुट उत्पादन का एक स्टार्टअप अब बाकी शहरों में आउटलेट खोलकर सामान बेच रहा है, जिसके कारण गया में बाहर से आने वालों की भीड़ का दबाव कुछ घटा भी है। बेगूसराय, खगड़िया में मकर संक्रांति पर चीनी से बनी सफेद मिठाई बंगला के लिए भी भीड़ उमड़ रही है। राजधानी पटना में मीठापुर गुमटी और कदमकुआं के बाजार में मकर संक्रांति के लिए खरीदारों की भारी भीड़ शनिवार रात 10 बजे तक दिखी। लखराम किराना स्टोर पटना के दिनेश कुमार ने बताया कि इस बार मकर संक्रांति ने तिलकुट में कई स्टार्टअप खड़े किए। कुछ लोकल प्रोडक्ट का ब्रांड के रूप में भी लोगों ने स्वागत किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed