गरीबी का ऐसा ‘समाधान’!: मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा के लिए भोजपुर में महादलित परदे के पीछे झोपड़ियों में कैद
ट्रंप की यात्रा याद आई: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भोजपुर में 'समाधान यात्रा’ करने आ रहे तो जिला प्रशासन ने महादलितों को झोपड़ियों में कैद कर दिया है। झोपड़ियों के सामने बैरिकेड लगा दिया गया है और परदा टांग दिया गया है। 19 जनवरी को सुबह जब मुख्यमंत्री आएंगे तो परदा गिरा रहेगा। न झोपड़ियां दिखेंगी, न उनकी हालत
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फरवरी 2020 में जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुजरात आने वाले थे तो अहमदाबाद में झोपड़ियां छिपाने के लिए नगर निगम ने दीवार खड़ी कर दी थी। जनवरी 2023 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भोजपुर में 'समाधान यात्रा’ करने आ रहे तो यहां जिला प्रशासन ने महादलितों को झोपड़ियों में कैद कर दिया है। झोपड़ियों के सामने बैरिकेड लगा दिया गया है और परदा टांग दिया गया है। 19 जनवरी को सुबह जब मुख्यमंत्री आएंगे तो परदा गिरा दिया जाएगा। न झोपड़ियां दिखेंगी, न उनकी हालत और न ही महादलित परिवार बाहर आकर अपनी हालत का रोना रो सकेंगे।
बैरिकेड से झोपड़ी में बंद, रात में परदे के पीछे हो जाएंगे
गुरुवार को सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्कड़ी, धनडीहा और तीर्थकोल गांव में अलग-अलग योजनाओं का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद आरा की नागरी प्रचारिणी सभागार में जीविका दीदियों के हैंड मेड क्राफ्ट का अवलोकन करते हुए जीविका दीदियों से संवाद करेंगे। नागरी प्रचारिणी सभागार के पास मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल के आसपास भारी संख्या में महादलितों की झुग्गियां हैं। इन्हें बैरिकेड से घेर दिया गया है। बुधवार को ही इस बैरिकेड से निकलना मुश्किल था। बैरिकेडिंग पर कपड़ा लगाकर उनकी झुग्गी-झोपड़ियों को ढंकने की तैयारी है। कपड़ा लग भी गया है। रात में उसे बांध दिया जाएगा, ताकि गुरुवार को जब सीएम आएं तो न उन्हें झोपड़ियां दिखें और न ही उनका रहन-सहन।
महादलितों ने कहा- नित्यक्रिया पर भी रोक लगा रहे
महादलितों ने तैयारियों को देखने पहुंची 'अमर उजाला’ की टीम से खुद बैरिकेडिंग के पीछे से सिर निकालकर बात की। कहा- "मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए हमलोग को कैद कर दिया गया है। रात या कल दिनभर नित्यक्रिया के लिए भी निकलना असंभव है।" एक महिला ने बतना शुरू किया- "हमलोग के लिए एक जगह चापाकल है, आज शाम तक किसी तरह निकलकर पानी भर लिया है क्योंकि कल का कोई उपया नहीं है।" भुवर राम ने बताया कि कई साल से हमलोग इस जगह पर रहते हैं, लेकिन आजतक पक्का आवास नहीं मिला। पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं। अब मुख्यमंत्री आने वाले हैं तो हमलोगों को कैद कर दिया गया है। हमलोग अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराना चाहते थे, लेकिन कैद होना पड़ गया। उनमें से एक युवक ने कहा- हमलोगों की वजह से कुर्सी पर बैठने वाले हमें इस तरह जेल में बंद कर देंगे, यह समझ से बाहर है।