Lalu Yadav Returns: लालू को लिट्टी का था बेसब्री से इंतजार, लाई भी शौक से खाई, जानिए आगे क्या करेंगे?
Lalu Prasad Yadav : सिंगापुर एयरपोर्ट के वीडियो के साथ किडनी डोनर बेटी रोहिणी आचार्या ने ताकीद की कि "बेटी के तप को ना जाने देना व्यर्थ कभी, मेरे पापा की सेहत का ध्यान रखाना आप लोग सभी।” क्या है इन पंक्तियों का अर्थ, यह जानना बेहद जरूरी है। जानें कैसे हैं लालू, कैसे रहना है उन्हें भारत में अभी कहां और क्या खा-पी सकेंगे जैसे सारे सवालों के जवाब।
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विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव किडनी ट्रांसप्लांट कराने के बाद बड़ी बेटी मीसा भारती और पुराने सेवकों लक्ष्मण-असगर के साथ स्वदेश के लिए निकलने लगे तो सिंगापुर एयरपोर्ट के वीडियो के साथ किडनी डोनर बेटी रोहिणी आचार्या ने ताकीद की कि "बेटी के तप को ना जाने देना व्यर्थ कभी, मेरे पापा की सेहत का ध्यान रखाना आप लोग सभी।” क्या है इन पंक्तियों का अर्थ, यह जानना बेहद जरूरी है। इन पंक्तियों में ताकीद है। कैसी? यह जानने के लिए 'अमर उजाला’ ने लालू प्रसाद से सिंगापुर में मिलकर लौटे राजद के MLC विनोद जायसवाल से लंबी बातचीत की। कैसे हैं, कैसे रहना है और कहां रहना है...सबकुछ।
हंसी-मजाक पहले जैसा कर रहे हैं?
जिंदगी की जंग लड़कर निकले हैं। अंदर से खुश हैं। हंसाना तो जन्मजात खूबी है उनकी। माहौल को खुशनुमा रखने में अब भी ऐसे ही हैं। तीन घंटा, चार घंटा कब बीता...पता नहीं चलता है।
किडनी की क्या स्थिति है?
किडनी बहुत अच्छी तरीके से सेट कर गई है। डॉक्टरों ने आश्वस्त किया है कि अब उनके शरीर में किडनी संबंधित कोई समस्या नहीं है। कमजोरी तो है, लेकिन अंदर से फिट हैं।
दिनचर्या कैसी रह रही?
वहां हमारे साथ घूमने के लिए भी निकले, हालांकि एहतियात में रहते थे। इसलिए गाड़ी के अंदर ही रहे। खाने-पीने के शौकीन हैं तो हिसाब से सब तरह का खाना खा भी रहे हैं। न्यूज चैनल और बिहार के सोशल मीडिया को भी देख रहे हैं। सेवकों के पास मोबाइल रहता है। जिनसे जरूरी है, उन्हीं से बात करते हैं।
खाने पर कुछ रोक है?
डॉक्टर ने उन्हें इंडिया जाने की अनुमति दे दी और हर चीज खाने को मिल रहा था। उन्हें पता था कि मैं उनके लिए खाने की पसंदीदा चीजें लेकर आ रहा हूं। लिट्टी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सबसे पहले लिट्टी खाए। फिर चूड़ा का लाई शौक से खाए। चना का भूंजा खाए। शाम में तिलकुट-चूड़ा का आनंद ले रहे थे।
भारत में कैसे रहना है?
भारत में प्रदूषण थोड़ा ज्यादा है, इसलिए डॉक्टर ने सावधानी बरतने कहा है। सिंगापुर के हिसाब से यहां बहुत प्रदूषण है। जहां प्रदूषण है, उससे बचाना है। शोर-शराबा से भी दूर ही रहना है। गंदगी से दूर रहना है। जो मिलने आएंगे, वह मास्क लगाकर ही रहेंगे। दूरी बनाए रखेंगे। चप्पल-जूता वगैरह खोलकर ही जाना है उनके आसपास। जो लोग हमेशा आसपास रहेंगे, वह भी खुद को साफ-सुथरा रखेंगे ताकि कोई संक्रमण का खतरा नहीं रहे। तनाव नहीं लेना चाहिए। तकलीफ नहीं पहुंचाना चाहिए।
बिहार आने की संभावना?
जहां तक मेरी जानकारी है, वह अभी दिल्ली प्रवास में ही रहेंगे। 15-20 दिन तो दिल्ली में रहकर भारत के वातावरण के हिसाब से खुद को सेट करें। बिहार आएंगे तो भीड़भाड़ की आशंका रहेगी, क्योंकि वह किसी को नाराज नहीं करते। मिलने लग जाएंगे। वैसे वह पटना की हुड़दंग होली के शौकीन हैं। संभव है उसी आसपास आएं। लेकिन, इस बार बहुत एहतियातन रहना है। इस बार दूर से देखेंगे, लेकिन अगले साल हमलोगों के साथ होली में शरीक होंगे।
किसके बारे में जानना चाह रहे थे?
पॉलिटिक्स में वह बहुत आगे की सोच रखते हैं। उनकी पकड़ बहुत जबरदस्त है। नजर रखते हैं, लेकिन जबरदस्त नहीं घुस रहे। बिहार के पॉलिटिक्स की जानकारी तो हासिल किए ही। उन्होंने तेजस्वी जी के बारे में पूछा कि वह कैसा कर रहे हैं। वह जानना चाह रहे थे कि हम बिहार में जिसे भविष्य का नेता बनाने जा रहे हैं, उसकी स्वीकार्यता जनता में कैसी है। वह मेरे अनुभव की भी जानकारी ले रहे थे। वह तेजस्वी यादव जी के मामले में खुद ही आगे आकर नहीं इंटरफेयर नहीं कर रहे थे।