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तीन दिवसीय वीर लोरिक महोत्सव: विधान पार्षद बोले- भगवान समान हैं, स्थाई मंदिर निर्माण के लिए करेंगे प्रयास
Thu, 19 Dec 2024 08:19 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 19 Dec 2024 08:19 PM IST
सार
सुपौल जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी स्थित वन देवी दुर्गा मंदिर परिसर में कला संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से तीन दिवसीय वीर लोरिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां विभिन्न विभागों की ओर से योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए हैं।
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तीन दिवसीय वीर लोरिक महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुपौल में सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी स्थित वन देवी दुर्गा मंदिर परिसर में गुरुवार को तीन दिवसीय वीर लोरिक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह, पिपरा विधायक रामविलास कामत, पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव, डीडीसी सुधीर कुमार, एडीएम राशिद कलीम अंसारी व नगर परिषद सुपौल के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
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इसके साथ ही स्मारिका का विमोचन किया गया। इस दौरान मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इससे पूर्व सभी ने मां वन देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की। दर्शन किया। साथ ही महोत्सव स्थल पर स्थापित प्रतिमा वीर लोरिक व बैंगठा स्थल के भी दर्शन किए। इसके बाद सरकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुआयना किया।
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प्रशासन की सजगता को दर्शाता है महोत्सव का आयोजन
मौके पर एमएलसी डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि वीर लोरिक की वीरता की कहानी जन-जन में है। इसके बारे में सभी को पता है। कहा कि वीर लोरिक दुनिया में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। वे दुनिया को अपना परिवार मानते थे। उन्होंने न्यायप्रिय और समतामूलक समाज की स्थापना कर सभ्यता और संस्कृति की रक्षा करने का कार्य किए। वह ईश्वर के समान थे। महोत्सव का आयोजन जिला प्रशासन की सजगता को दर्शाता है। इससे वीर लोरिक के संदेशों का बेहतर प्रसार होगा। उन्होंने कहा कि वीर लोरिक के स्थाई मंदिर नहीं होने की बात संज्ञान में आई है। सरकार और प्रशासन के साथ ही निजी स्तर पर भी वह स्थाई मंदिर निर्माण की दिशा में प्रयास करेंगे। उन्होंने सभी से वीर लोरिक के बताए मार्ग पर चलने की अपील की।
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हरदी की धरती मां वन देवी व लोरिक का कर्मभूमि, बचपन से सुनी है गाथा
पिपरा विधायक रामविलास कामत ने कहा कि वीर लोरिक के वीरता की कहानी जनश्रुति के रूप में इस क्षेत्र के हर घर आंगन में सदियों से गूंज रही है। उनकी वीरता, जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व, सिद्धांत, स्मृतियों, विरासत और प्रेरणादायक कहानियां मिथिलांचल और देश के सभी लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। हमने बचपन से ही उनकी गाथाएं सुनी हैं। हरदी की यह धरती मां वन देवी दुर्गा और लोरिक का कर्मभूमि रही है। हमारे पूर्वजों की कई यादें इस मिट्टी से जुड़ी हैं। सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से यह स्थल काफी महत्वपूर्ण है। इसे संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार लोरिक महोत्सव का आयोजन कर रही है। इससे क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
अन्य वक्ताओं ने भी रखी अपनी बात
वही पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव ने भी वन देवी दुर्गा स्थान के इतिहास की चर्चा की। साथ ही वीर लोरिक को ईश्वर का स्वरूप बताया। इसके अलावा अन्य कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। संबोधन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का दौर शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने बताया कि आयोजन के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मौके पर डीटीओ शशि शेखरम, डीआरडीए निदेशक गयानंद यादव, बीडीओ ज्योति गामी, बीस सूत्री के उपाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, विजय शंकर चौधरी, जगदीश यादव, धर्मेंद्र पिंटू, रामकिशोर राय, राजकुमार साह, राजेंद्र यादव, अरुण यादव, जितेंद्र सिंटू, डॉ. रणधीर राणा, अनोज कुमार सहित अन्य मौजूद थे।