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Bihar: भूपेंद्र नारायण विश्वविद्यालय में फाइल को निष्पादित नहीं करना पड़ा महंगा, पदाधिकारी पर गिरेगी गाज
Thu, 25 Jul 2024 11:21 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 25 Jul 2024 11:21 AM IST
सार
Bihar: मधेपुरा के भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में अब पदाधिकारी और कर्मियों को समय पर संचिका का निष्पादन नहीं करना महंगा पड़ेगा। संचिका प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर निष्पादित नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी।
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भूपेंद्र नारायण विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में फाइल को निष्पादित नहीं करना महंगा पड़ गया है। इसको लेकर कुलपति के आदेशानुसार कुलसचिव प्रो. विपिन कुमार राय ने बुधवार की शाम कार्यालय आदेश जारी कर दिया है।
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कुलसचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के सभी शाखाओं में संचिकाओं के त्वरित निष्पादन की आवश्यकता को देखते हुए सभी शाखाओं के नियंत्री पदाधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि उनके कार्यालय में संचिकाओं की प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर इसका निष्पादन कर दिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो जिम्मेदार कर्मी व पदाधिकारी पर नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें लेटलतीफी के लिए बीएनएमयू चर्चित है। यहां अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से महीनों कार्यालय में संचिका पड़ी रहती है। कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा ने व्यवस्था में सुधार को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। लगातार वे कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई भी कर रहे हैं।
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कुछ माह पहले जहां कर्मचारी कार्यालय में कम और चाय की दुकान पर अधिक नजर आते थे। अब वही कर्मचारी कार्यालय में बैठे नजर आते हैं। इससे पूर्व 10 जुलाई को कुलसचिव ने विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी और कर्मी को निर्धारित अवधि सुबह 10.30 से शाम 5 बजे तक अपने विभाग में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया था। इस अवधि में अनुपस्थित पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही गई थी।