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जैश-ए-मोहम्मद: मुंबई में एटीएस ने बिहार के युवक को गिरफ्तार किया; कौन है हसन अबू सरमद अख्तर?
Sat, 24 Oct 2026 04:26 PM IST
कोसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 04:26 PM IST
सार
बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भँकर द्वारी गांव के रहने वाले 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को मुंबई एटीएस ने गिरफ्तार किया है। उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने का आरोप है।
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गिरफ्तार आरोपी और उसके किशनगंज घर की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के किशनगंज जिले के एक युवक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके कथित संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच में जुटी हैं। ठाकुरगंज प्रखंड के भँकर द्वारी गांव निवासी 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन से संगठन से जुड़ी सामग्री और उसके संस्थापक मसूद अजहर के ऑडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दस साल से मुंबई में रह रहा था आरोपी
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर पिछले करीब दस वर्षों से मुंबई में रह रहा था। वहां वह माहिम इलाके में परफ्यूम और इत्र बेचने का काम करता था। इसके अलावा, वह रैपिडो बाइक टैक्सी भी चलाता था।
मामले की जांच मुंबई एटीएस की कालाचौकी यूनिट कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के कथित संपर्क किन लोगों से थे और सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री का क्या उद्देश्य था। जांच में उसके ऑनलाइन संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
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किशनगंज के गांव में रहती हैं मां और भाभी
बताया जा रहा है कि आरोपी के परिवार के सदस्य बिहार के किशनगंज जिले स्थित भंकर द्वारी गांव में रहते हैं। गांव में उसकी मां और भाभी रहती हैं, जबकि उसके पिता इलाज के सिलसिले में दिल्ली गए हुए हैं। परिवार में कुल छह भाई बताए जा रहे हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोहम्मद हसन ने हिफ्ज-ए-कुरान की पढ़ाई भी की है। उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद परिवार और गांव में इस मामले को लेकर चर्चा है। हालांकि, आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि या धार्मिक शिक्षा अपने आप में किसी आरोप का प्रमाण नहीं है।
परिजनों ने आरोपों पर उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी के परिजनों ने उसे साजिश के तहत फंसाए जाने की आशंका जताई है। उसके भाई शबीह अनवर ने दावा किया कि मोहम्मद हसन मुंबई में अपना कारोबार करता था और इत्र बेचने का काम करता था। परिवार ने उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, परिजनों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जांच एजेंसी की ओर से सामने आए आरोपों की भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच होनी बाकी है। फिलहाल मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।
मोबाइल और टेलीग्राम गतिविधियों की जांच में जुटी एटीएस
एटीएस आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम समूह से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल में कथित तौर पर मिली सामग्री कहां से आई और क्या आरोपी का किसी संदिग्ध नेटवर्क से संपर्क था।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर आरोपी की गतिविधियों का उद्देश्य क्या था। फिलहाल इस मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है। एजेंसी की पड़ताल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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दस साल से मुंबई में रह रहा था आरोपी
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर पिछले करीब दस वर्षों से मुंबई में रह रहा था। वहां वह माहिम इलाके में परफ्यूम और इत्र बेचने का काम करता था। इसके अलावा, वह रैपिडो बाइक टैक्सी भी चलाता था।
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मामले की जांच मुंबई एटीएस की कालाचौकी यूनिट कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के कथित संपर्क किन लोगों से थे और सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री का क्या उद्देश्य था। जांच में उसके ऑनलाइन संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
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किशनगंज के गांव में रहती हैं मां और भाभी
बताया जा रहा है कि आरोपी के परिवार के सदस्य बिहार के किशनगंज जिले स्थित भंकर द्वारी गांव में रहते हैं। गांव में उसकी मां और भाभी रहती हैं, जबकि उसके पिता इलाज के सिलसिले में दिल्ली गए हुए हैं। परिवार में कुल छह भाई बताए जा रहे हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोहम्मद हसन ने हिफ्ज-ए-कुरान की पढ़ाई भी की है। उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद परिवार और गांव में इस मामले को लेकर चर्चा है। हालांकि, आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि या धार्मिक शिक्षा अपने आप में किसी आरोप का प्रमाण नहीं है।
परिजनों ने आरोपों पर उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी के परिजनों ने उसे साजिश के तहत फंसाए जाने की आशंका जताई है। उसके भाई शबीह अनवर ने दावा किया कि मोहम्मद हसन मुंबई में अपना कारोबार करता था और इत्र बेचने का काम करता था। परिवार ने उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, परिजनों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जांच एजेंसी की ओर से सामने आए आरोपों की भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच होनी बाकी है। फिलहाल मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।
मोबाइल और टेलीग्राम गतिविधियों की जांच में जुटी एटीएस
एटीएस आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम समूह से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल में कथित तौर पर मिली सामग्री कहां से आई और क्या आरोपी का किसी संदिग्ध नेटवर्क से संपर्क था।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर आरोपी की गतिविधियों का उद्देश्य क्या था। फिलहाल इस मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है। एजेंसी की पड़ताल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।