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पत्रकार राजदेव की हत्या की जांच तीन माह में पूरी करे सीबीआई : सुप्रीम कोर्ट

Tue, 18 Oct 2016 06:42 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Tue, 18 Oct 2016 06:42 AM IST
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Journalist rajdev murder case: Supreme court directs CBI, investigation completed in three months
- फोटो : Reuters

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई से कहा कि वह बिहार में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की जांच तीन माह में पूरी करे। जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अमिताभ रॉय की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले का कोई भी आरोपी आरोप पत्र दायर नहीं होने को आधार बनाकर जमानत न मांगे। 

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पीठ ने सीवान के सत्र न्यायाधीश से इस बात की रिपोर्ट देने को कहा है कि जिस दिन दो भगोड़े आरोपी मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव और राजद के विवादित नेता शहाबुद्दीन के साथ नजर आए थे, तब क्या उन्हें घोषित अपराधी करार दिया गया था। 
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इसी बीच, बिहार सरकार ने पीठ को बताया कि जब इन आरोपियों ने सीवान में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के साथ मुलाकात की थी तब उन्हें घोषित अपराधी करार नहीं दिया गया था।
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राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन ने 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि सीबीआई ने ‘राजनीतिक प्रभाव’ और ‘शहाबुद्दीन के डर’ के कारण इस मामले में अभी तक जांच शुरू नहीं की है। 

कोई भी आरोपी आरोप पत्र दायर नहीं होने को आधार बनाकर जमानत न मांगे

Journalist rajdev murder case: Supreme court directs CBI, investigation completed in three months

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को पत्रकार की हत्या के मामले की जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने बिहार पुलिस से राजदेव रंजन के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने को कहा। पत्रकार के परिवार ने शहाबुद्दीन से जान का खतरा होने का दावा किया है।

अदालत ने राजदेव की पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए शहाबुद्दीन, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव तथा बिहार सरकार से भी जवाब मांगा है। 

आशा रंजन सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुनवाई बिहार के सीवान से दिल्ली स्थानांतरित करने की भी मांग की है। अखबारों में छपी एक तस्वीर छपी थी, जिसमें तेज प्रताप कथित तौर पर गैंगस्टर से नेता बने शहाबुद्दीन के दो शार्प शूटरों में से एक के साथ दिख रहे थे।

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