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ईराक से लौटे, सुनाई अपनी आपबीती
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 09 Jul 2014 07:47 AM IST
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ईराक में फंसे भारत के लोगों का लौटना लगातार जारी है। उन्हीं लोगों में दो लोग बिहार लौटे हैं।
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दोनों दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस से सुबह 10 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर उतरे। मो मकसूद आलम समस्तीपुर के और राजू राम गोपालगंज के हैं।
दिल्ली लौटे मकसूद आलम और गोपालगंज ने बताया कि वहां कंपनी ने उनकी तनख्वाह नहीं दी और अब उनपर लाखों रुपए कर्ज है।
राजू के मुताबिक वह गांव के ही एक जमींदार से डेढ़ लाख रुपये कर्ज के तौर पर लिये थे, जो सूद सहित दो लाख रुपये हो गये थे। यही हाल मो मकसूद का था, उसने 1.20 लाख रुपये सूद पर कर्ज लिया था।
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कर्ज चुकाने और घर का भरण-पोषण करने के लिए वह इराक चला गया था। राजू का कहना है कि कंपनी के मालिक ने उसकी मजदूरी भी रख ली, जो लाखों में है। लेकिन, उन्हें इस बात की खुशी है कि वह सुरक्षित घर वापस आ गया।
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इतना ही नहीं, परेशानी की इस घड़ी में कंपनी के सभी मालिक इनके हाल पर छोड़ कर भाग गये थे। उन्हें एक स्थान पर रखा गया था, जहां चारों तरफ सेना पहरा दे रही थी। मो मकसूद आलम ने बताया कि वहां कुछ भारतीय मारे भी गये हैं, पर अभी उनका पता नहीं चला है।
आलम का कहना है कि आतंकी घरों में बम लगा कर चले जाते हैं। घरों में बम विस्फोट होने पर लोगों की मौतें भी हो रही है। वहां जब तक आप सेना के घेरे में हैं, तब तक आप सुरक्षित हैं। बाहर निकलने पर अपहरण की आशंका है। भारत सरकार इन सभी को घरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।