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Hindi News ›   Bihar ›   interview of Sharad yadav with Vinod Agnihotri

बिहार में नहीं चलेगा हिंदुत्व और साम्प्रदायिकता का कार्डः शरद यादव

Sat, 10 Oct 2015 07:30 PM IST
Updated Sat, 10 Oct 2015 07:30 PM IST
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interview of Sharad yadav with Vinod Agnihotri

अपनी बेबाक सियासी शैली और खांटी समाजवादी अंदाज के लिए मशहूर जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव इन दिनों पटना में डेरा डाले हुए हैं। सुबह से शाम तक चुनाव प्रचार में जुटे शरद का दावा है कि बिहार में हिंदुत्व और सांप्रदायिकता का कार्ड नहीं चलेगा और नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनेगी। अमर उजाला के लिए पटना में शरद यादव से विनोद अग्निहोत्री की बातचीत।

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सवाल: एनडीए के मुकाबले आपके महागठबंधन का मुख्य मुद्दा क्या है?

जवाब: बिहार में दो ही तरह के मुद्दे हैं। एक है विकास नीतीश कुमार केशासन के दस वर्षों के दौरान बिहार में हुआ है और जो दिखाई दे रहा है। 16500 नई सड़कें बनी हैं। एक हजार छोटे बड़े पुल बने हैं। अस्पतालों में सुधार किए गए हैं। हालाकि अभी और सुधार की जरूरत है। 98 फीसदी बच्चे स्कूल जा रहे हैं। पंचायत के चुनाव में सामाजिक विषमता के आधार पर आरक्षण दिया गया है। हम विकास कर रहे हैं, एनडीए वाले सिर्फ कह रहे हैं। कोसी जहां से मैं सांसद था, वहा हर विधानसभा से राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला गया। रेलवे स्टेशन, अनेक पुल, इंजीनियरिंग कालेज, टेलीविजन स्टेशन, रेडियो स्टेशन और न जाने कितने काम पिछले दस सालों में हुए। यही हाल पूरे बिहार का है। नीतीश राज में किए गए विकास केकाम हर जिले और क्षेत्र में बिखरे पड़े हैं। आंखो देखी और कानों सुनी। बिहार का विकास जनता की आंखों देखी है।
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सवाल: सर संघचालक मोहन भागवत ने आरक्षण संबंधी जो बयान दिया,उसका क्या असर है?

जवाब: मैं उसी पर आ रहा हूं। बिहार चुनाव में दूसरा मुद्दा है सामाजिक विषमता का। सामजिक विषमता ही सारी समस्याओं की जड़ है। आर्थिक विषमता की माता भी वही है। सामाजिक विषमता और आर्थिक गैरबराबरी दोनों जुड़वा राक्षस हैं। एक मिटेगा तो दूसरा भी खत्म होगा। भारतीय समाज जाति व्यवस्था में खंड खंड है। कहावत है कि गोली और बोली वापस नहीं होती। सर संघचालक ने अपने दिल की बात कह दी है। और संघ भाजपा की मातृ संस्था है। भाजपा वही करती है जो संघ चाहता है। इसलिए संघ प्रमुख ने आरक्षण को लेकर जो कहा है, इसका मतलब भविष्य में भाजपा वही करेगी। यह मुद्दा देश भर की 80 फीसदी दलित आदिवासी पिछड़े वर्गों की आबादी केहक हकूक का है। उत्तर भारत में बिहार सामाजिक न्याय केआंदोलन की धरती है जैसे दक्षिण में तमिलनाडु है। इन वर्गों को जो हक संविधान सभा में लंबी बहस के बाद दिया गया है, उसे सर भागवत जी कह रहे हैं कि एक कमेटी बनाकर समीक्षा करो। यानी एक छोटी सी कमेटी संविधान सभा के फैसले पर विचार कर सकती है क्या? इसलिए एक बड़ा मुद्दा यह भी है।
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जंगलराज के नाम पर वोट?

interview of Sharad yadav with Vinod Agnihotri

सवाल: भाजपा जंगल राज की वापसी का डर दिखा कर वोट मांग रही है। उस पर क्या कहेंगे?

जवाब: ये जो लालू यादव पर जंगल राज का आरोप भाजपा लगा रही है। मेरा कहना है कि जिस समय सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देने केबाद भी बाबरी मस्जिद तोड़ी गई वो जंगल राज था। जिस दाऊद इब्राहीम की खोज हो रही है, वह बाबरी मस्जिद टूटने के बाद देश भर में हुए दंगों जिनमें हजारों लोग मारे गए, उसका ही नतीजा है। यह है जंगल राज।  बिहार में तब भी दंगा नहीं हुआ था। अकेला बिहार ऐसा सूबा था जिसमें आडवाणी की गिरफ्तारी और बाबरी मस्जिद टूटने के बाद भी एक भी दंगा नहीं हुआ। भागलपुर दंगा हमारे शासन से पहले हुआ था। हमारे शासन में चाहे लालू का राज हो या नीतीश का एक भी दंगा बिहार में नहीं हुुआ। जबकि 2002 में गुजरात में जो हुआ वह है जंगलराज। देश की एकता सब धर्मों और जातियों की एकता से मजबूत होती है। बिहार में न जाति संघर्ष हुआ न सांप्रदायिक दंगा हुआ। जंगल राज जैसे जुमले व्यवस्था चलाने वालों के हैं। जंगल राज की बात करने वाले दलितों पिछड़ों को अपमानित कर रहे हैं। जो लाल किले से संविधान की धज्जियां उड़ाते हैं, जो रोज देश की एकता को भंग करते हैं उन्हें सुरक्षा दी जा रही है। और जो गरीबों शोषितों की लड़ाई लड़े उसे जंगल राज कहा जाता है।

सवाल: यह जो गौ हत्या का मुद्दा भाजपा ने छेड़ा है उसका क्या असर होगा?

सवाल: बिहार में यह कोई मुद्दा नहीं है। इसका यहां भाजपा को कोई फायदा नहीं होगा। दादरी कांड इन्हीं का खेल है जिसके जरिए ये लोग बिहार में सांप्रदायिक कार्ड आयात करना चाहते थे। लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे। जब बाबरी कांड केबाद बिहार में संाप्रदायिकता नहीं चली तो दादरी कांड के बाद कैसे चलेगी। भाजपा और संघ परिवार कितनी भी कोशिश कर ले बिहार में बंटवारे की राजनीति नहीं चलेगी। अकेले बिहार ही ऐसी जगह है जहां कट्टरपंथ के लिए कोई जगह नहीं है।

'नहीं है मोदी लहर'

interview of Sharad yadav with Vinod Agnihotri

सवाल: महागठबंधन की सरकार बनने की कितनी संभावनाएं हैं?

जवाब: मेरा मानना है कि महागठबंधन स्वीप करेगा। इसमें सबसे बड़ी सहायता भाजपा के मातृ संगठन के प्रमुख मोहन भागवत जी ने कर दी है। उन्होंने अपना सच बयान कर दिया। मेरी चुनौती है कि भाजपा आरक्षण पर कमेटी बनाकर दिखाए। बात सिर्फ बिहार तक नहीं रुकेगी। पूरे देश में दलित शोषित आदिवासी पिछड़े खड़े हो जाएंगे। अगर अस्सी फीसदी लोगों को लाचार और विकलांग रखा जाएगा तो देश कैसे मजबूत होगा। आप लाख अमेरिका और विदेश घूम लीजिए कुछ नहीं होगा।

सवाल: लोकसभा चुनाव में जैसी मोदी लहर थी क्या अब वह कम हुई है?

जवाब: लोकसभा चुनावों में भी कोई मोदी लहर नहीं थी। यह गलत व्याख्या है। अब भी कोई लहर नहीं है। भाजपा को सिर्फ 31 फीसदी वोट मिले हैं। जनता दल जो देश की दूसरे नंबर की पार्टी थी, उसकी टूट और कांग्रेस के बुरी तरह कमजोर होने से भाजपा को बहुमत मिला है। इसीलिए मैने जनता दल केएकीकरण की कोशिश की और लालू नीतीश एकजुट हुए।

सवाल: लेकिन आपकी कोशिश कामयाब कहां रही। मुलायम सिंह यादव तो अलग हो गए?

जवाब: इस मुद्दे पर मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा। हम चुनाव में हैं और हमारा पूरा ध्यान भाजपा व एनडीए को हराने पर है।


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