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Indore Fire Tragedy: सात फीट की सीढ़ी और कमजोर वेल्डिंग ने बचाईं चार जिंदगियां, बेडरूम तक पहुंच गई थी आग
Thu, 19 Mar 2026 07:57 PM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:57 PM IST
सार
इंदौर में बुधवार को हुए अग्निकांड चार लोगों की जिंदगी सात फीट की सीढ़ी और कमजोर वेल्डिंग के कारण बच गई। इन्हीं का मदद से मनोज पुगलिया की पत्नी और तीन बेटों को उनके पीछे रहने वाले जैन परिवार के भाइयों ने बचा लिया।
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ब्रजेश्वरी एनएक्स के जिस घर में आग लगी, उसके पड़ोसियों ने इस छोटी सीढ़ी की सहायता से बड़ी मदद की।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स इलाके में गुरुवार को दिल दहला देने वाला अग्निकांड हो गया। इसमें एक ही परिवार के आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार लोगों को पड़ोसियों की सूझबूझ और साहसिक प्रयासों ने नई जिंदगी दे दी। घटना के समय बंगले में कुल 12 लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते घर आग की लपटों में घिर गया।
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इस भयावह हादसे के बीच पड़ोस में रहने वाले जैन परिवार के तीन भाइयों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मनोज पुगलिया की पत्नी और तीन बेटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग लगते ही तीनों भाइयों ने हिम्मत और समझदारी से काम लेते हुए पहली मंजिल तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया। घर की एक छोटी सी सीढ़ी दीवार के सहारे लगाई गई, लेकिन उसकी ऊंचाई सात फीट थी, जबकि चारों दस फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर थे। ऐसे में महेंद्र जैन बच्चों की पढ़ाई की टेबल लेकर आए और उसके ऊपर सीढ़ी रखकर ऊंचाई बढ़ाई।
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इसके बाद सबसे बड़ी बाधा गैलरी में लगी लोहे की जाली बनी हुई थी। महेंद्र जैन और उनके भाई भरत जैन अपने घर की पहली मंजिल पर पहुंचे और रस्सी बांधकर जाली को खींचना शुरू किया। किस्मत से जाली की एक वेल्डिंग कमजोर थी, जो जोर लगाने पर उखड़ गई। इसके साथ ही अंदर फंसे चार लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद और मजबूत हो गई। सबसे पहले मां को सीढ़ी के सहारे नीचे उतारा गया, इसके बाद तीनों बेटे बारी-बारी से सुरक्षित बाहर आए।
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चार लोगों की जान बचाने वाले भरत जैन
- फोटो : अमर उजाला
पांच मिनट के बाद पूरे घर में लगी आग
भरत जैन ने बताया कि जैसे ही चारों लोग नीचे उतरे, महज पांच मिनट के भीतर आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। जिस बेडरूम में कुछ देर पहले मनोज की पत्नी और बेटे खड़े थे, वहां भी आग पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर जाली हटाने में थोड़ी भी देर हो जाती, तो चारों की जान बचाना लगभग नामुमकिन हो जाता।
बहू सिमरन कपड़े बदलने गई और धुएं से घिर गई
परिवार की बहू सिमरन भी बचाव के दौरान गैलरी तक पहुंची थी। गैलरी के पास ही उसका बेडरूम था। जब परिवार के अन्य सदस्य नीचे उतर रहे थे, तभी वह कपड़े बदलने के लिए कमरे में चली गई, क्योंकि उसने गाउन पहन रखा था और उसमें उतरना मुश्किल हो रहा था। लेकिन इसी बीच कमरे में धुआं भर गया और वह उसमें घिर गई। हालात बिगड़ते देख उसने छत के रास्ते भागने की कोशिश की, ताकि पड़ोस के मकान में कूदकर जान बचा सके, लेकिन चैनल गेट पर ताला लगा हुआ था।
भरत जैन ने बताया कि जैसे ही चारों लोग नीचे उतरे, महज पांच मिनट के भीतर आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। जिस बेडरूम में कुछ देर पहले मनोज की पत्नी और बेटे खड़े थे, वहां भी आग पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर जाली हटाने में थोड़ी भी देर हो जाती, तो चारों की जान बचाना लगभग नामुमकिन हो जाता।
बहू सिमरन कपड़े बदलने गई और धुएं से घिर गई
परिवार की बहू सिमरन भी बचाव के दौरान गैलरी तक पहुंची थी। गैलरी के पास ही उसका बेडरूम था। जब परिवार के अन्य सदस्य नीचे उतर रहे थे, तभी वह कपड़े बदलने के लिए कमरे में चली गई, क्योंकि उसने गाउन पहन रखा था और उसमें उतरना मुश्किल हो रहा था। लेकिन इसी बीच कमरे में धुआं भर गया और वह उसमें घिर गई। हालात बिगड़ते देख उसने छत के रास्ते भागने की कोशिश की, ताकि पड़ोस के मकान में कूदकर जान बचा सके, लेकिन चैनल गेट पर ताला लगा हुआ था।