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क्रॉस वोटिंग हुई तो बिहार में बन सकते हैं ये 3 समीकरण
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:16 PM IST
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बिहार के मुख्यमंत्री
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नीतीश कुमार वो मंजे हुए खिलाड़ी हैं कि वो माहौल देखकर अपनी मैदान में अपने जलवे बिखरते हैं। नीतीश कुमार का चेहरा टेंशन में कम ही दिखता है और शायद यही वजह है कि आज जब वो बिहार विधानसभा में बहुमत साबित करने पहुंचे तो उनकी चाल में गजब की तेजी दिख रही थी।
वो जानते हैं कि एनडीए का साथ है तो डरने की क्या बात है। 122 सीटों का आंकड़ा छूने में कोई दिक्कत नहीं आएगी लेकिन वो ये भूल गए कि अगर वो महागठबंधन का साथ छोड़ सकते हैं तो उनके भी कुछ विधायक उनका साथ छोड़ सकते हैं। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और बहुमत का आंकड़ा 122 पर ही मुहर लगेगी। कुर्सी किसी के हिस्से में जाए यही तीन दांव खेले जाएंगे।
आरजेडी तोड़ न दे सपना
आरजेडी अपने 80 विधायकों के दम पर मजबूती की धमक रखती है वहीं कांग्रेस के 27 विधायक हैं। मतलब ये 107 हैं। इस गठबधंन को बहुमत में 15 विधायक कम हैं।
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तेजस्वी और लालू बार बार कह रहे हैं कि जदयू के 24 विधायक उनके साथ हैं। अगर आरजेडी, जेडीयू के 24 विधायकों को तोड़ लेती है तो खेल बदल जाएगा और नीतीश के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिख सकती हैं और वो जीता मैच हार सकते हैं।
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वो जानते हैं कि एनडीए का साथ है तो डरने की क्या बात है। 122 सीटों का आंकड़ा छूने में कोई दिक्कत नहीं आएगी लेकिन वो ये भूल गए कि अगर वो महागठबंधन का साथ छोड़ सकते हैं तो उनके भी कुछ विधायक उनका साथ छोड़ सकते हैं। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और बहुमत का आंकड़ा 122 पर ही मुहर लगेगी। कुर्सी किसी के हिस्से में जाए यही तीन दांव खेले जाएंगे।
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आरजेडी तोड़ न दे सपना
आरजेडी अपने 80 विधायकों के दम पर मजबूती की धमक रखती है वहीं कांग्रेस के 27 विधायक हैं। मतलब ये 107 हैं। इस गठबधंन को बहुमत में 15 विधायक कम हैं।
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तेजस्वी और लालू बार बार कह रहे हैं कि जदयू के 24 विधायक उनके साथ हैं। अगर आरजेडी, जेडीयू के 24 विधायकों को तोड़ लेती है तो खेल बदल जाएगा और नीतीश के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिख सकती हैं और वो जीता मैच हार सकते हैं।
किस्सा कुर्सी का है खेल में जोड़ तोड़ है जोड़ो पर
नीतीश की पार्टी जेडीयू के 71 विधायक हैं और उन्हें बहुमत के लिए 122 विधायक चाहिए है। जेडीयू को इस मुसीबत की घड़ी में 51 विधायकों की जरूरत है। एनडीए का साथ मिलने पर जेडीयू को 58 विधायकों का समर्थन मिल रहा है। इस जोड़ तोड़ के बाद नीतीश के पास 129 विधायक हो जाते हैं। ये बहुमत से 7 ज्यादा हैं।
सुशील मोदी 132 विधायकों के समर्थन की बात कह रहे हैं। ये सपोर्ट कायम रहा तो नीतीश को बहुमत साबित करने में दिक्कत नहीं आएगी।
लालू अगर धमकी पर अमल करते हैं तब क्या होगा
लालू बार बार अपने 80 विधायकों का हवाला देते जा रहे हैं, इसलिए सरकार बनाने का पहला मौका उन्हें मिलना चाहिए था। ऐसा ना होने पर लालू यादव ने कहा है कि वो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएगें। वैसे लालू इस धमकी और कार्रवाई में अपने फायदे का जोड़ घटाव कर ही रहे होंगे।
सुशील मोदी 132 विधायकों के समर्थन की बात कह रहे हैं। ये सपोर्ट कायम रहा तो नीतीश को बहुमत साबित करने में दिक्कत नहीं आएगी।
लालू अगर धमकी पर अमल करते हैं तब क्या होगा
लालू बार बार अपने 80 विधायकों का हवाला देते जा रहे हैं, इसलिए सरकार बनाने का पहला मौका उन्हें मिलना चाहिए था। ऐसा ना होने पर लालू यादव ने कहा है कि वो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएगें। वैसे लालू इस धमकी और कार्रवाई में अपने फायदे का जोड़ घटाव कर ही रहे होंगे।