{"_id":"5a71a0ee-3d1f-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"horses-increased-charm-of-sonpur-mela","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोड़ों से बढ़ी सोनपुर मेले की रौनक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोड़ों से बढ़ी सोनपुर मेले की रौनक
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 03 Dec 2012 01:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनपुर मेले में लोगों की घोड़ों के लिए दीवनगी देखने लायक है। आधुनिक गाड़ियों के जमाने के साथ घोड़ों को चाहने वालों की भी संख्या बढ़ी है। सोनपुर मेले में शानो-शौकत के प्रतीक घोड़े को पीली बत्ती वाले अधिकारी भी घोड़ा बाजार से खरीद कर ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
समय के साथ घोड़े का वाहन के तौर पर इस्तेमाल कम होने से भी पुराने ठाठ-बाट के लोगों में से कुछ ने आज भी घोड़ा पालना नहीं छोड़ा है। मेले में सिंध, मुल्तान और यहां तक कि अरब देश से उन्नत नस्ल के घोड़े मंगाये गये हैं। इन घोड़ों से मेले में रौनक बनी हुई है। मेले के घोड़ा बाजार में बिल्कुल भी जगह खाली नहीं है। हर जगह तंबू व सामियाना लगा हुआ है।
विज्ञापन
घोड़ा बेचने वालों के अलावा घोड़े के शौकीन रईसों ने भी राजसी ठाठ-बाट के साथ मेले में डेरा लगाया हुआ है। इनके तंबू में दो-चार बेशकीमती घोड़े बंधे हुए हैं जो अपने मालिक की शानो-शौकत का बखान कर रहे हैं। उन्हीं में से हैं समस्तीपुर धमौन के शिवानंद सिंह और अरविंद कुमार उर्फ डोमन राय मुखिया।
विज्ञापन
पिछले साल इन दोनों दोस्तों का एक ही तंबू था। इस बार दोनों अलग-अलग तंबू में अपने बेहतरीन घोड़े के साथ मेले में मौजूद हैं। शिवानंद का घोड़ा कल्लू बलिया के ददरी में लगने वाले मेले में आयोजित रेस जीतकर आया है। शिवानंद का कहना है कि सोनपुर मेले की रेस भी उनका ही घोड़ा जीतगा। सोनपुर मेले में एक से बढ़कर एक घोड़े मौजूद हैं जो रेस जीतने के काबिल हैं।