बबुआ, ये है बिहार की ग्रीन सिटी भभुआ
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जयपुर को पूरी दुनिया में गुलाबी शहर या पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। जयपुर के नक्शे कदम पर बिहार के भभुआ शहर को पिछले एक साल से अधिक समय से ग्रीन सिटी के रूप में सजाया जा रहा है।
राजधानी पटना से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित भभुआ कैमूर जिले का मुख्यालय है। कैमूर नगर परिषद ने इस साल 16 जनवरी को इस शहर को ग्रीन सिटी घोषित किया था। कैमूर जिला धान का कटोरा भी कहा जाता है। इस जिले के कई इलाके इतिहास के पन्नों में भी दर्ज हैं, लेकिन अब इसके मुख्यालय के साथ एक नई पहचान भी जुड़ गई है।
शहर की ढाई किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क के दोनों तरफ की लगभग सभी इमारतें हरे रंग में दिखाई देती हैं। यह नजारा सहज रूप से शहर में आने वाले हर नए शख्स का ध्यान खींचता है। शहर को यह पहचान मिली है एक नौकरशाह की पहल पर।
इन आईएस की पहल से मिली भभुआ को नई पहचान
फिलहाल राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक की जिम्मेवारी संभाल रहे अरविंद कुमार सिंह ने कैमूर के जिलाधिकारी रहते इस अभियान की शुरुआत की थी।
अरविंद के अनुसार किसी जिले की कमान पहली बार संभालने के बाद उन्होंने कुछ लीक से हटकर करने की सोची। इसके लिए उन्होंने भभुआ को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की पहल की।
अरविंद ने 2013 में दीवाली के पहले बैठक कर लोगों से अपने घरों को हरे रंग में रंगने की अपील की थी। तब न सिर्फ मकानों को रंगने का अभियान चला, बल्कि शहर की हरियाली और सफाई पर भी ध्यान दिया गया था।
क्यों चुना भभुआ के लिए हरा रंग
भभुआ के बाशिंदे बताते हैं कि जहां एक ओर आम लोगों ने जिलाधिकारी की अपील का साथ दिया, तो दूसरी ओर सरकारी आदेश न होने के बावजूद लगभग सारे सरकारी भवन भी हरे रंग के हो गए।
लोगों का कहना है कि हरा रंग इसलिए चुना गया क्योंकि कैमूर जिला अपने हरे खेतों और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। भभुआ निवासी अधिवक्ता चंद्रधीश दूबे ने भी अपने घर को हरे रंग में रंगा है। वे बताते हैं कि अब शहर काफी खूबसूरत लगता है।
ग्रीन सिटी भभुआ की सालगिरह पर होगा जश्न
हालांकि चंद्रधीश कहते हैं कि जिलाधिकारी के बदलते ही यह अभियान धीमा पड़ा है। यह अब तक जन अभियान नहीं बन पाया है। नए साल में कैमूर नगर परिषद ने ग्रीन सिटी की पहली सालगिरह आयोजित करने की योजना बनाई है। मकसद लोगों को इस छोटे से शहर को खास पहचान देने वाली इस अनूठी मुहिम से और मजबूती से जोड़ना है।
नगर परिषद की कोशिश है कि मुख्य सड़क के अलावा पूरा शहर भी हरा दिखे और आने वाले दिनों में भी यह मुहिम बरकरार रखी जा सके। इसके लिए परिषद की ओर से शहर के हर वार्ड के लोगों से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया जा रहा है। अभियान का असर इसके आसपास के कस्बों में भी दिख रहा है। जिले के दूसरे बड़े कस्बे मोहनियां में भी कई इमारतें और सरकारी भवन हरे रंग की दिखने लगी हैं।