नोटबंदी पर अकेले पड़े नीतीश, कांग्रेस बोली-आज ही टूट सकता है महागठबंधन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में नोटबंदी के मुद्दे पर महागठबंधन में दरार पड़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही सरकार में शामिल पार्टियां और नेता अलग-अलग सुर अलाप रहे हैं। नीतीश कुमार नोटबंदी के फैसले पर प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में खुलकर बोल रहे हैं। वहीं, जदयू के राज्यसभा सांसद शरद यादव नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं।
बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और नीतीश सरकार में शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने नोटबंदी का विरोध करते हुए कहा कि आलाकमान के निर्देश पर कांग्रेस ने बिहार में जदयू और राजद के साथ गठबंधन किया है। अगर आलाकमान का निर्देश होगा तो बिहार में आज ही गठबंधन टूट सकता है। अशोक चौधरी ने कहा कि फर्क नहीं पड़ता कौन साथ है और कौन विरोध कर रहा है। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हमारी पार्टी लोगों की परेशानियों के साथ है।
बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अशोक चौधरी के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कौन बोल रहा है, यह महत्वपूर्ण होता है। गठबंधन का निर्णय कांग्रेस आलाकमान का था और अलग होने का निर्णय भी वहीं करेंगे।
बीजेपी के नजदीक आ रहे हैं नीतीश ?
बुधवार को पटना में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मोदी सकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला भी फूंका। इस दौरान कांग्रेस ने अशोक चौधरी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए पटना में प्रतिबंधित क्षेत्र कारगिल चौक पर बैनर-पोस्टर के साथ मार्च भी निकाला।
इससे पहले नीतीश ने अपनी पार्टी (जेडीयू) के नेताओं से कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब ऐसे शेर की सवारी कर रहे हैं, जो उनके गठबंधनों को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन उनके इस कदम के पक्ष में जोरदार समर्थन है, और हमें उस समर्थन का सम्मान करना चाहिए।" हालांकि नीतीश नोटबंदी से हो रही परेशानी से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस ओर सरकार का ध्यान दिलाती रहेगी।
इससे पहले मधुबनी में 'निश्चय यात्रा' के दौरान रैली को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा था कि अब सरकार को बेनामी संपत्ति रखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। कई लोग दो नंबर का कारोबार कर ऐश कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की जरूरत है।
इससे पहले 8 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी के एलान के बाद भी नीतीश ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि कालेधन को लेकर पीएम मोदी का फैसला काबिलेतारीफ है। लोगों को केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये इस कदम से थोड़ी समस्या तो जरूर होगी लेकिन यह हमारी भविष्य की आर्थिक मजबूती के लिये लाभकारी सिद्ध होगा।